नुसरत अतीक़ गोरखपुरी उनके हिस्से में कोई सुबह न शब...
नुसरत अतीक़ गोरखपुरी
उनके हिस्से में कोई सुबह न शब होती है
चाहने वालों की तक़दीर अजब होती है ।
मैं ने तमगा़ ये विरासत में नहीं...
पर्यावरण पुस्तक से-
पर्यावरण पुस्तक से-
जो आता है।
वह जाता है।
जबसे गये पिता श्री मेरे,
कुछ भी नहीं सुहाता है।
जीवन की बारीकी ’’वर्मा’’
दर्शन शास्त्र बताता है।
आने-जाने का क्रम निश्चित,
फिर...
सपने में पाश से बातचीत।
सपने में पाश से बातचीत
🔹🔸🔹
कविता की किसी कालजयी पंक्ति का
रातभर करते-करते इंतजार
लिखने की टेबल पर ही आ गई नींद
नींद की सत्ता में अपने लिए
थोड़ी-सी...



















