बोल्डर पिचिंग परियोजना में जिम्मेदारो की अनदेखी तटबंध पर पड़ेगी भारी।
तटबंध की सुरक्षा के लिए 8 करोड़ की परियोजना से चल रहा बोल्डर पीचिंग का कार्य।
राप्ती नदी के बोक्टा बरवार तटबंध का है। मामल
गोरखपुर.सहजनवा।
सहजनवा तहसील क्षेत्र के बोक्टा बरवार तटबंध के किलोमीटर 782.5 से 9.300 के मध्य मिर्जापुर स्टोन बोल्डर से स्लोप पीचिंग कार्य के लिए 8 करोड़ कि परियोज तैयार कर शासन भेजी थी प्रदेश सरकार ने अति संवेदनशील तटबंध की सुरक्षा के लिए परियोजना स्वीकृत कर समय सीमा के अंदर कर पूर्ण करने की जिम्मेदारी बाण्ढ खन्ड दो गोरखपुर को सौंप थी पर जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण बोल्डर पिचिंग के निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया और ना तो समय से परियोजना को पूर्ण कराया जा सका।
बताते चले की तहसील क्षेत्र के राप्ती नदी तट पर बने अति संवेदनशील तटबंध की सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा किलोमीटर 782.5 से किलोमीटर 9.300 के मध्य मिर्जापुर स्टोन बोल्डर स्लोप पीचिंग कि करीब 8 करोड़ की परियोजना तैयार कर प्रदेश सरकार से स्वीकृति के लिए भेजा गया था। सरकार से मंजूरी मिलने के उपरांत टेंडर जारी कर कार्यदाई एजेंसी से करीब 6 करोड़ 21 लाख का अनुबंध किया गया था। एजेंसी को 15 जून से पहले परियोजना को पूर्ण क्या जाना था सूत्रों की माने तो जिम्मेदार अधिकारीओ व ठेकेदार मिली भगत से मिर्जापुर स्टोन कटिंग बोल्डर की जगह 20 से 25% ब्लास्टिंग बोल्डर व पीला परतदार बोल्डर का उपयोग किया गया और ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए जिम्मेदारों द्वारा ओवरलोडेड ट्रक को तटबंध पर अनलोड कराया गया जिससे तटबंध पर लगे जिओ सीट को भी नुकसान पहुंचाया गया। जिसके कारण आने वाले दिनों में दैविक आपदा बाढ़ के समय तटबंध से रिसाव का खतरा बढ़ जाएगा और इसका खामियाजा औद्योगिक विकास प्राधिकरण समेत तहसील क्षेत्र के सैकड़ो गांव को उठाना पड़ सकता है।
इस संबंध में मुख्य अभियंता गंडक विकास कुमार सिंह का कहना है। मामला संज्ञान तटबंध की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने की निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट उपरांत जिम्मेदारों आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


















