सड़क दुर्घटनाओं पर मण्डलायुक्त की सख्ती! बस्ती मण्डल में मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी – ओवर स्पीड कैमरा फरवरी अंत तक लगेंगे
मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अखिलेश सिंह ने दिए स्पष्ट निर्देश; टूटी रेलिंग, हाईमास्ट लाइट, गैस कटर की कमी जैसी समस्याओं पर त्वरित समाधान के आदेश
बस्ती। मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह ने सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। आयुक्त सभागार में आयोजित मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि शासन की मंशा साफ है – सड़क दुर्घटनाओं में कमी लानी है। इसके लिए सभी विभागों को गाइडलाइन के अनुसार समन्वय स्थापित कर जनहित में तत्परता से कार्य करना होगा।
बैठक में परियोजना निदेशक एन.एच.आई. ने बताया कि मुख्यालय से ओवर स्पीड कैमरा लगाने की स्वीकृति मिल गई है। फरवरी 2026 के अंत तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। एटीएमएस/कैमरा इंस्टालेशन का काम संवेदक द्वारा शुरू हो चुका है और आवश्यक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया चल रही है। मण्डलायुक्त के निर्देश पर दुर्घटना बहुल्य क्षेत्रों में सांकेतिक बोर्ड भी स्थापित करा दिए गए हैं।
यातायात निरीक्षक अवधेश तिवारी ने बड़ेवन पर अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और हाईमास्ट लाइट के निष्क्रिय होने की समस्या उठाई, जिससे वाहन आवागमन प्रभावित हो रहा है। एन.एच.आई. के निदेशक ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही प्रकाश व्यवस्था संचालित करा दी जाएगी।
एआरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि वाहनों की फिटनेस, लाइसेंस वैधता और ड्रिंक एंड ड्राइव चालकों की गहन जांच चल रही है तथा दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
गुड सेमेरिटन प्रमोद ओझा ने छावनी के पास रामरेखा पुल की टूटी रेलिंग का मामला उठाया, जो दुर्घटना का कारण बन रही है। साथ ही दुर्घटना स्थल पर गैस कटर सहित अन्य आपात उपकरणों की कमी की ओर ध्यान दिलाया। मण्डलायुक्त ने इन सभी बिंदुओं पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
बैठक का संचालन आरटीओ प्रवर्तन बस्ती मण्डल सुरेश कुमार मौर्या ने किया। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी बस्ती राजीव निगम, मुख्य चिकित्साधिकारी संतकबीर नगर, आरटीओ फरीउद्दीन, सहायक शिक्षा निदेशक संजय कुमार शुक्ल, सीओ सत्येन्द्र भूषण तिवारी, गुड सेमेरिटन प्रमोद ओझा सहित मण्डलीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मण्डलायुक्त का यह सख्त रुख सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने और दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


















