महापौर की मौजूदगी में सख्त तेवर में दिखे नगर आयुक्त अजय जैन, अधिकारियों को दी स्पष्ट चेतावनी लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जनसेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस, प्राथमिकताओं को लेकर बनाई ठोस कार्ययोजना
गोरखपुर। अजय जैन ने पदभार संभालते ही एक्शन मोड में आते हुए नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। यह बैठक डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की मौजूदगी में आयोजित हुई, जिसमें नगर प्रशासन की दिशा और दशा तय करने को लेकर स्पष्ट रणनीति बनाई गई।
बैठक में अपर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, प्रमोद कुमार, अतुल कुमार समेत सभी विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने शुरुआत से ही कड़े और स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि अब नगर निगम की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेन्द्रित बनाया जाएगा।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर निगम सीधे जनता से जुड़ा विभाग है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर अधिकारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करना होगा।
गोरखपुर की मूलभूत व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए नगर आयुक्त ने साफ-सफाई, जल निकासी, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सड़कों की मरम्मत और अन्य नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित फाइलों के त्वरित निस्तारण और जन शिकायतों के तत्काल समाधान पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी विभाग से भ्रष्टाचार, अनियमितता या लापरवाही की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ बिना किसी देरी के कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी नगर विकास कार्यों को गति देने और जनहितकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
बैठक के अंत में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करें, ताकि गोरखपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और विकसित शहर के रूप में नई पहचान मिल सके।















