ग्राम न्यायालय और प्रदूषण मुक्ति की मांग पर अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन
सहजनवा तहसील में वकीलों ने बुलंद की आवाज, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
गोरखपुर/सहजनवा। सहजनवा तहसील में ग्राम न्यायालय की स्थापना तथा गीडा औद्योगिक क्षेत्र से फैल रहे प्रदूषण के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है। शनिवार को तहसील परिसर में पूर्व बार एसोसिएशन मंत्री अनिल कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने क्रमिक अनशन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जनहित से जुड़ी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
अनशन पर बैठे अधिवक्ताओं का कहना है कि सहजनवा क्षेत्र की बड़ी आबादी को न्यायिक कार्यों के लिए दूर-दराज के न्यायालयों का रुख करना पड़ता है, जिससे आम लोगों को समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्र में ग्राम न्यायालय की स्थापना समय की आवश्यकता है, ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर सुलभ और त्वरित न्याय मिल सके।
अधिवक्ताओं ने गीडा क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और रासायनिक अपशिष्टों पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि औद्योगिक प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने प्रशासन से प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
पूर्व बार एसोसिएशन मंत्री अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि न्याय और स्वच्छ पर्यावरण दोनों ही आम जनता के मूल अधिकार हैं। कई बार ज्ञापन देने और मांग उठाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिसके चलते अधिवक्ताओं को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के.के. त्रिपाठी ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर अधिवक्ता समाज हमेशा संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया कि मांगें पूरी होने तक प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
इस दौरान बार एसोसिएशन के मंत्री राघवेंद्र सिंह, राममूरत उपाध्याय, प्रवीण पाठक, ज्ञानेंद्र यादव, बुद्धिसागर यादव, अभिषेक श्रीवास्तव, सुग्रीव यादव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।















