अवैध अस्पताल में गर्भवती की मौत, तीन गिरफ्तार

अवैध अस्पताल में गर्भवती की मौत, तीन गिरफ्तार

गोरखपुर

गोरखपुर में एक अवैध रूप से संचालित अस्पताल में लापरवाही के कारण गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान मृत्यु का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों, पन्ने लाल दास और नीरज कुमार, तथा एक अभियुक्ता, गंगोत्री देवी, को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देश पर महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी बांसगांव के पर्यवेक्षण और थाना बांसगांव के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को धर दबोचा।

घटना का विवरण 27 अप्रैल 2025 का है, जब पीड़ित महिला के पति ने अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए आशा कार्यकर्त्री गंगोत्री देवी के साथ बांसगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने डिलीवरी के लिए उच्चतर संस्थान में रेफर किया। लेकिन गंगोत्री देवी ने दबाव बनाकर महिला को बांसगांव रोड, बघराई स्थित गोविंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जो अवैध रूप से संचालित था। इस अस्पताल में अप्रशिक्षित व्यक्तियों ने ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी की कोशिश की, जिसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई। परिजन उसे गोरखपुर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। पीड़ित के परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना बांसगांव में मुकदमा संख्या 226/2025, धारा 318(2), 319(2), 105, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

जांच में खुलासा हुआ कि गोविंद हॉस्पिटल का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था। 28 अप्रैल 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक ने सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में इसे सील कर दिया। जांच में यह भी पता चला कि आशा कार्यकर्त्री गंगोत्री देवी का इस अस्पताल से संपर्क था और वह कमीशन के लिए मरीजों को वहां भेजती थी। इसके अलावा, अभियुक्त पन्ने लाल दास और नीरज कुमार टेकवार, वार्ड नंबर 1, उनवल, गोरखपुर में श्री हरि मेडिकेयर नाम से एक और अवैध अस्पताल चला रहे थे, जिसे 2 मई 2025 को जांच के बाद सील कर दिया गया। दोनों अस्पतालों के खिलाफ थाना बांसगांव और खजनी में मुकदमा संख्या 228/2025 और 156/2025, धारा 318(2), 319(2) बीएनएस और 34 एनएमसी एक्ट 2019 के तहत मामले दर्ज किए गए।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने एक वैगनार कार बरामद की। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रेम पाल सिंह, उपनिरीक्षक रावेंद्र पाल, अभिषेक राय, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार गौतम, कांस्टेबल संजीव कुमार वर्मा, अमन कुमार, प्रतिभा सिंह और देवश वर्मा शामिल थे। पुलिस ने बताया कि अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। इस घटना ने अवैध अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत को उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

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