नये डीएम ने लिया विकास कार्यों का जायजा, बुद्ध प्रतिमा को नमन

नये डीएम ने लिया विकास कार्यों का जायजा, बुद्ध प्रतिमा को नमन

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का वह पावन स्थल, जो भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण से विश्वविख्यात है, अब विकास की नई गाथा लिख रहा है। नवागत जिलाधिकारी (डीएम) महेंद्र सिंह तंवर ने गुरुवार को जिले में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं का भौतिक निरीक्षण कर अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने महापरिनिर्वाण मंदिर में लेटी हुई बुद्ध प्रतिमा का दर्शन कर कुशीनगर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नमन किया।

विश्वविद्यालय निर्माण: समय और गुणवत्ता पर जोर

डीएम ने सबसे पहले महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निर्माण स्थल का दौरा किया। 353 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह विश्वविद्यालय कुशीनगर के शैक्षिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। डीएम ने उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार वेंसा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 24 महीने के भीतर मानक के अनुरूप कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय की भूमि और मानचित्र का भी अवलोकन किया। नोडल संस्थान नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह इस परियोजना की निगरानी कर रहे हैं। डीएम ने ठेकेदारों को लक्ष्य के साथ काम करने की हिदायत दी, ताकि कोई देरी न हो।

पर्यटन परियोजनाओं पर कड़ा रुख

कुशीनगर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और आकर्षक बनाने के लिए कई परियोजनाएं चल रही हैं। डीएम ने 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बन रहे बुद्धा थीम पार्क का निरीक्षण किया। राजकीय बौद्ध संग्रहालय परिसर में बन रहा यह पार्क पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण होगा। उन्होंने कार्य की उपयोगिता, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर दिया। 

इसके अलावा, रामाभार स्तूप और चिल्ड्रेन पार्क में 11.97 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित साउंड एंड लाइट शो के कार्य में देरी पर डीएम ने नाराजगी जताई और जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

हिरण्यवती नदी का सौंदर्यीकरण

डीएम ने बौद्ध कालीन हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट से देवरिया रोड स्थित रामाभार पुल तक 23.81 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य का भी जायजा लिया। यह परियोजना 2026 तक पूरी होनी है। डीएम ने निर्देश दिया कि गुणवत्ता और मानकों का पालन करते हुए इसे समय पर पूरा किया जाए, ताकि कुशीनगर की प्राकृतिक और ऐतिहासिक सुंदरता और बढ़े।

आध्यात्मिक विरासत से रू-ब-रू

निरीक्षण से पहले डीएम ने मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा का दर्शन किया। इस दौरान वे कुशीनगर की प्राचीन और ऐतिहासिक विरासत से रू-ब-रू हुए। यह मंदिर विश्व भर के बौद्ध अनुयायियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। डीएम ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

अधिकारियों की जवाबदेही तय

निरीक्षण के दौरान डीएम के साथ मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) गुंजन द्विवेदी, एसडीएम आशुतोष कुमार, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. प्राण रंजन, यूपीपीसीएल के परियोजना निदेशक मनोज शर्मा और सहायक परियोजना निदेशक नीरज पांडेय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। डीएम ने सभी अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की हिदायत दी।

कुशीनगर का भविष्य उज्ज्वल

डीएम महेंद्र सिंह तंवर का यह दौरा कुशीनगर के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय, थीम पार्क, साउंड एंड लाइट शो और नदी सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाएं न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी। कुशीनगर अब आध्यात्मिकता और आधुनिकता का अनूठा संगम बनने की ओर अग्रसर है।

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