लंगूरों का आतंक: नेवास गांव में दहशत।
गोरखपुर
पिपरौली गीडा थाना क्षेत्र के नेवास गांव में लंगूरों का आतंक ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बन गया है। लंगूरों ने न केवल ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों में भी भय का माहौल पैदा कर दिया है। उदय राज सिंह के घर पर लंगूरों ने डेरा डाल लिया है, जिससे गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, और यह समस्या पिछले एक महीने से लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीण सूरज सिंह ने बताया कि एक दिन छत पर कपड़े उतारने गए तो लंगूरों ने उन पर हमला कर दिया। भागने के दौरान वे सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गए, उनके शरीर पर खरोंच के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। सूरज सिंह ने कहा, “लंगूरों का झुंड जहां से गुजरता है, वहां भगदड़ मच जाती है।” इसी तरह, रानू सिंह ने मंगलवार को हुए एक हादसे का जिक्र किया, जब छत से उतरते वक्त लंगूरों ने उन पर हमला किया। वे किसी तरह बच तो गए, लेकिन अब छत पर जाने से डर लगता है। रानू ने चिंता जताई कि लंगूर बच्चों को निशाना न बना लें।
महिलाएं भी इस आतंक से अछूती नहीं हैं। पूनम सिंह ने बताया कि खाना बनाते समय लंगूर उनके किचन में घुस आए। डर के मारे उन्होंने बच्चों को समेटा और सामान बचाया, लेकिन लंगूरों ने काफी नुकसान कर दिया। रामलोचन, अजय सिंह, रामकृपाल सिंह, मोहम्मद कमालुद्दीन, आफताब, आजाद और नौशाद जैसे ग्रामीणों ने एक स्वर में प्रशासन से इस समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है।
समाजसेवी बंटू शाही इस मुद्दे को प्रशासन के सामने उठाने में जुटे हैं। वे कहते हैं, “ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए।” ग्रामीणों का कहना है कि लंगूरों के झुंड ने न केवल उनके दैनिक जीवन को प्रभावित किया है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खेलते समय बच्चों के साथ कोई अनहोनी होने का डर हर माता-पिता को सता रहा है।
एसडीएम सहजनवा दीपक गुप्ता ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम इस समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा।” हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं, और ठोस कार्रवाई का इंतजार अभी बाकी है।
नेवास गांव की यह समस्या केवल एक गांव की नहीं, बल्कि उन तमाम ग्रामीण क्षेत्रों की है।















