मेगा विधिक सहायता शिविर में लाभार्थियों को बांटी गईं आवास की चाबियां और प्रमाणपत्र जनपद न्यायाधीश सैयद माऊज बिन आसिम ने किया उद्घाटन, विभिन्न विभागों ने लगाए स्टाल

मेगा विधिक सहायता शिविर में लाभार्थियों को बांटी गईं आवास की चाबियां और प्रमाणपत्र

जनपद न्यायाधीश सैयद माऊज बिन आसिम ने किया उद्घाटन, विभिन्न विभागों ने लगाए स्टाल

रायबरेली। आमजन को कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रिफॉर्म क्लब में मेगा/वृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित शिविर का उद्घाटन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश सैयद माऊज बिन आसिम ने दीप प्रज्वलित कर किया।

जनपद न्यायाधीश ने विधिक सेवा प्राधिकरण और विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने वहां उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली। शिविर में लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं की पात्रता और उनका लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया।

इस दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को आवास की चाबियां, टूल किट, डमी चेक और प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

विधिक जागरूकता प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी

जनपद न्यायाधीश ने कहा कि शिविर का उद्देश्य आमजन को विधिक रूप से साक्षर बनाना और उनके अधिकारों तथा उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं की जानकारी देना है। प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वह उचित कानूनी सहायता प्राप्त कर सके। उन्होंने लोगों से शिविर में मिली जानकारी का लाभ उठाने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की।

मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता ने आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को बधाई दी। उन्होंने 16 से 30 नवंबर तक प्रस्तावित जनगणना के तहत स्व-गणना की प्रक्रिया की जानकारी भी दी।

विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट प्रतिमा ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क योजनाओं, हेल्पलाइन नंबर 15100 और आगामी 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में बताया।

कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनिशा ने अतिथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पात्र वादों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते और मध्यस्थता के माध्यम से कराया जा सकता है। उन्होंने लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश भूपेन्द्र राय, अपर जिला जज अनिल पंचम, अमित कुमार पाण्डेय, रामनेत, अजय कुमार-तृतीय, गुणेन्द्र प्रकाश, विनोद कुमार-सप्तम, अभिषेक सिन्हा, अंशुमान पटनायक, पल्लवी प्रकाश, अनुपम शौर्य, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवन कुमार सिंह सहित अन्य न्यायिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

विज्ञप्ति के अनुसार

 

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