गांधी आश्रम में मंडलायुक्त ने चलाया चरखा, काता सूत
इंद्र विक्रम सिंह ने गांधी-शास्त्री को दी श्रद्धांजलि, खादी उत्पादों का किया अवलोकन; स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अपील
गोरखपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह गोलघर स्थित गांधी आश्रम पहुंचे। उन्होंने दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद किया।
मंडलायुक्त ने गांधी आश्रम परिसर में चरखा चलाकर सूत काता। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन में चरखे और खादी का विशेष महत्व था। चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं, बल्कि स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी भावना का प्रतीक रहा है।
उन्होंने आश्रम में उपलब्ध विभिन्न खादी वस्त्रों और स्वदेशी उत्पादों का अवलोकन किया। कर्मचारियों से उत्पादों की बिक्री, गुणवत्ता और ग्राहकों की पसंद के बारे में जानकारी ली। इस दौरान खरीदारी करने पहुंचे लोगों से भी बातचीत की और उन्हें खादी एवं स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मंडलायुक्त ने कहा कि खादी स्वतंत्रता आंदोलन और आत्मनिर्भरता की भावना से जुड़ी विरासत है। स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से कारीगरों और बुनकरों को प्रोत्साहन मिलता है। गांधी जी का स्वदेशी का विचार आज भी स्थानीय स्तर पर रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने गांधी आश्रम के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर आश्रम की गतिविधियों की जानकारी ली। कहा कि गांधी जी के विचारों को केवल स्मरण करने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने की जरूरत है।
इस अवसर पर गांधी आश्रम के मंत्री बिशेश्वर नाथ तिवारी समेत पदाधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद रहे।















