अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था पर पुलिस हुई सख्त
डीआईजी एस. चनप्पा व एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, दिए कड़े निर्देश
गोरखपुर। जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिसिंग को सशक्त करने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) गोरखपुर परिक्षेत्र एस. चनप्पा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी एवं विभिन्न शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में हाल के दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, संगठित अपराध तथा लंबित विवेचनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। डीआईजी एस. चनप्पा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराध और अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी तथा हिस्ट्रीशीटर एवं वांछित अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि महिला सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, चोरी, लूट एवं हत्या जैसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रकरण में एफआईआर से लेकर विवेचना एवं गिरफ्तारी तक की प्रक्रिया समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। बीट पुलिसिंग को मजबूत कर स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में एसपी सिटी निमिष पाटिल, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार, एसपी साउथ जितेंद्र कुमार, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल तथा एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की।
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अधिकारियों को साइबर हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा तकनीकी माध्यमों से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, अवैध पार्किंग, ओवरलोडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध अभियान चलाने पर भी बल दिया गया।
डीआईजी एवं एसएसपी ने अधिकारियों से कहा कि आमजन के साथ संवेदनशील व्यवहार पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। थाना स्तर पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित करें तथा नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।















