पदोन्नति पाकर अपर जिला जज बने सुनील कुमार सिंह
संतकबीरनगर में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट का संभाला कार्यभार, बोले- सतत परिश्रम ही सफलता का मूल मंत्र
संतकबीरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर कार्यरत सुनील कुमार सिंह ने पदोन्नति के उपरांत शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। अब वह जनपद में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट का दायित्व संभालेंगे।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद बातचीत में सुनील कुमार सिंह ने अपनी न्यायिक यात्रा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2007 में विधि स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के रूप में की। लगभग साढ़े पांच वर्ष की सेवा के बाद उनका चयन झारखंड न्यायिक सेवा में पीसीएस (जे) के पद पर हुआ। इसके साथ ही उन्होंने बिहार न्यायिक सेवा की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से 2018 तक वह बिहार के छपरा में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत रहे। इसी दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश पीसीएस (जे) तथा उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा (एचजेएस) की परीक्षाएं भी उत्तीर्ण कीं। हालांकि एचजेएस परीक्षा से जुड़ा मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित रही।
जुलाई 2018 में उन्होंने सिद्धार्थनगर में न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभाला। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एचजेएस परीक्षा को वैध ठहराए जाने के बाद उनकी पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ। इसी क्रम में उन्होंने संतकबीरनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
सुनील कुमार सिंह ने कहा कि “सतत परिश्रम, धैर्य और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।” उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, वरिष्ठ अधिकारियों और शुभचिंतकों के आशीर्वाद तथा निरंतर मेहनत को दिया।
उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखते हुए वह निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे।















