गर्मी में चर्म रोगों से परेशान : जिला अस्पताल में रोज 100-150 मरीज
संतकबीरनगर। गर्मी और उमस ने जिले में चर्म रोगों का प्रकोप बढ़ा दिया है। संतकबीरनगर जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.बी. गौतम ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं से जूझते हुए पहुंच रहे हैं। इनमें एग्जिमा, फंगल इंफेक्शन, खुजली, लाल चकत्ते और त्वचा का छिलना जैसी शिकायतें सबसे ज्यादा हैं।
ठंड के बाद गर्मी शुरू होते ही लोगों में पानी पीने की इच्छा बढ़ जाती है, लेकिन कई लोग अभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते। इससे शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और त्वचा के रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉ. गौतम ने बताया कि गर्मी में पसीना, नमी और गीले कपड़ों को देर तक पहने रहना फंगल इंफेक्शन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। फंगस खासकर शरीर की सिलवटों, जांघों, पैरों और बगल में तेजी से फैलता है।
डॉक्टर की सलाह है कि इस मौसम में फुल स्लीव्स वाले ढीले और सूती कपड़े पहनें। इससे धूप, वायरस और संक्रमण से बचाव होता है तथा पसीना भी जल्दी सूखता है। सबसे महत्वपूर्ण है रोजाना 3-4 लीटर पानी अवश्य पिएं। इससे त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा मजबूत रहती है और कई रोगों से बचाव होता है।
व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अपने कपड़े, तौलिया, चादर और अंडरवियर किसी के साथ शेयर न करें। इससे संक्रमण फैलने का खतरा काफी कम हो जाता है। गीले कपड़ों को तुरंत बदलें और शरीर को हमेशा साफ व सूखा रखें।
आज भी कई मरीज जैसे सुनीता, संगम, राकेश, सुखदेव, राजेश, इंद्रावती, अफजल, आफरीन, तैयब और सुल्तान को दवाइयां देकर घर भेजा गया। डॉक्टर ने उन्हें दवा के साथ-साथ जीवनशैली में जरूरी बदलाव की सलाह भी दी।
डॉ. गौतम ने आमजन से अपील की कि त्वचा पर कोई भी लक्षण दिखते ही तुरंत चर्म रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। देर करने से समस्या बढ़ सकती है। हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, नियमित स्नान करें और पसीने वाले हिस्सों को अच्छी तरह सुखाएं।















