जेल में मशरूम कल्टीवेशन प्रशिक्षण का शुभारंभ, बंदियों को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर डीएम व एएसपी ने जिला कारागार का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

जेल में मशरूम कल्टीवेशन प्रशिक्षण का शुभारंभ, बंदियों को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

डीएम व एएसपी ने जिला कारागार का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह ने शुक्रवार को जिला कारागार खलीलाबाद का संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बैरकों, अस्पताल, मेस, कार्यालय और जेल परिसर की सघन जांच की तथा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीएम और एएसपी ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जेल प्रशासन को बैरकों की नियमित तलाशी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कारागार परिसर में किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री प्रवेश न करने पाए तथा सुरक्षा व्यवस्था पूरी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ संचालित की जाए। साथ ही जेल परिसर की साफ-सफाई को और बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने जिला कारागार में मशरूम कल्टीवेशन प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इसी क्रम में भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) संतकबीरनगर द्वारा जिला कारागार खलीलाबाद में मशरूम कल्टीवेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जेलर राकेश कुमार वर्मा, उपकारापाल नयन कमल सिंह, हरकेश गौड़, वरिष्ठ अध्यापक सतीश यादव तथा डिप्टी जेलर स्वाती यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

आरसेटी के निदेशक विनोद कुमार राव ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों के साथ बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल लेन-देन, साइबर फ्रॉड से बचाव तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे महत्वपूर्ण विषयों की भी जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह पहल बंदियों के कौशल विकास, पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य मनीष कुमार, जयप्रकाश प्रजापति, डोमेन स्किल ट्रेनर मनोज कुमार, कार्यालय सहायक सलीम अंसारी सहित अन्य प्रशिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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