डीएम हर्षिता माथुर ने कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों की समीक्षा की: शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति और लंबित वादों के निस्तारण के सख्त निर्देश
रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागवार प्रगति की गहन समीक्षा की गई और जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
डीएम ने परिवहन, आबकारी, विद्युत, व्यापार कर, खनन, स्टाम्प, नगर निकाय सहित अन्य विभागों की राजस्व वसूली की बारीकी से समीक्षा की। कम वसूली वाले विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रगति में तत्काल सुधार लाया जाए और लक्ष्य पूर्ति में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि राजस्व वसूली जनहित के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण स्रोत है, इसलिए इसे समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।
लंबित राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्देश दिए कि सभी लंबित वादों की नियमित समीक्षा की जाए और अधिक से अधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व वादों में देरी से आमजन को परेशानी होती है, इसलिए तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर इनका निपटारा किया जाए। लंबित मामलों की सूची तैयार कर उनकी प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल कुमार यादव, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमृता सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल शर्मा सहित सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम के सख्त निर्देशों से राजस्व विभागों में जवाबदेही और सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। यह बैठक जिला प्रशासन की राजस्व प्रबंधन को मजबूत बनाने और जनहित के कार्यों के लिए संसाधन जुटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि दिए गए लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा और लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित होगा।















