कलेक्ट्रेट सभागार में बैठकों का दौर: चकबंदी, व्यापारिक समस्याएं और जनकल्याण योजनाओं पर डीएम सख्त
रायबरेली।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में एक के बाद एक महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन हुआ, जिसमें जनपद के विकास, प्रशासनिक कार्यों की गति और जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठकों में चकबंदी कार्यों की समीक्षा, व्यापार बंधु की समस्याएं और दिव्यांगजनों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रम प्रमुख रूप से शामिल रहे।
चकबंदी कार्यों की समीक्षा: समयसीमा और पारदर्शिता पर जोर
जिलाधिकारी ने चकबंदी कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद के 27 गांवों में चकबंदी कार्य प्रचलित है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित हो।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसानों की समस्याओं और आपत्तियों का समयबद्ध समाधान किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। साथ ही राजस्व और चकबंदी विभाग को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
व्यापार बंधु बैठक: बुनियादी समस्याओं के समाधान के निर्देश
जिला स्तरीय व्यापार बंधु की बैठक में सड़कों की मरम्मत, जल निकासी, सफाई, जाम, अतिक्रमण, पार्किंग और विद्युत व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।
उन्होंने अवैध स्टैंड और अवैध वसूली पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल अधिकृत स्टैंड ही संचालित हों, शुल्क सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए और शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष अभियान: शिविरों का होगा आयोजन
बैठकों के दौरान जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 04 मई से विकास खंड स्तर पर वृहद चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण, पेंशन, विवाह प्रोत्साहन सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठा सकें।
समग्र रूप से, कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इन बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन जनपद के विकास, पारदर्शिता और जनसुविधाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।















