दुष्कर्म के फरार आरोपी को गोरखनाथ पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार कर भेजा जेल: एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर छह महीने की मशक्कत के बाद मिली सफलता
गोरखपुर। गोरखनाथ थाना पुलिस को महिला अपराध के एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना क्षेत्र के रसूलपुर निवासी एक महिला की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगाने, तीन माह तक बंधक बनाकर रखने और लगातार दुष्कर्म करने के आरोपी फिरोज पुत्र हस्मतुल्लाह (निवासी भैरोगंज, पश्चिमी चंपारण) को गुजरात से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मामला अगस्त 2025 का है, जब पीड़िता की मां ने गोरखनाथ थाने पर लिखित शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी (जो उनका मामा का लड़का है) ने किराए के मकान में रहते हुए नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा लिया, तीन माह तक बंधक बनाकर रखा और लगातार दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने मौलाना के माध्यम से जबरन निकाह भी कर लिया। पुलिस ने महिला अपराध की गंभीरता को देखते हुए संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन पिछले छह महीने से आरोपी लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के सख्त निर्देश, एसपी सिटी अभिनव त्यागी के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ रवि कुमार सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने इस मामले को विशेष प्राथमिकता दी। तेजतर्रार सब इंस्पेक्टर आदित्य कुमार पांडेय को फरार आरोपी की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। सब इंस्पेक्टर आदित्य कुमार पांडेय ने थाना प्रभारी के सहयोग से सर्विलांस टीम सक्रिय की, मुखबिर तंत्र को मजबूत किया और लगातार कड़ी मशक्कत की।
कड़ी मेहनत के बाद आरोपी का लोकेशन गुजरात में मिला। थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने तुरंत सब इंस्पेक्टर आदित्य कुमार पांडेय और कांस्टेबल चंदन कुमार को गुजरात रवाना किया। टीम ने गुजरात के मालिया हालवाड़ हाईवे पर मामा लुमिनेट्स एलएलपी (थाना मालिया मिलाना, जिला मोरबी) से आरोपी फिरोज को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गोरखपुर लाकर गोरखनाथ पुलिस ने विधिवत प्रक्रिया पूरी की और उसे जेल भेज दिया।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने इस सफलता पर गोरखनाथ पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि महिला अपराध एवं नाबालिगों से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। फरार आरोपियों को कहीं भी छिपने नहीं दिया जाएगा। एसपी सिटी अभिनव त्यागी और सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने भी टीम की मेहनत की प्रशंसा की।















