मंडलायुक्त की अध्यक्षता में उद्योग बंधुओं के साथ अहम बैठक, बुनियादी सुविधाओं पर सख्त निर्देश
गोरखपुर। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने उद्योग बंधुओं के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और समाधान के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में औद्योगिक विकास की रफ्तार को प्रभावित करने वाले मुद्दों—बिजली, पानी, इंफ्रास्ट्रक्चर और टीडीएस—पर गंभीरता से चर्चा हुई।
उद्योग प्रतिनिधियों ने TDS (Tax Deduction at Source) की जटिल प्रक्रिया को लेकर अपनी परेशानियां साझा करते हुए इसे सरल और व्यावहारिक बनाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था उद्योग संचालन और वित्तीय प्रबंधन पर असर डाल रही है।
बिजली व्यवस्था को लेकर भी उद्योग बंधुओं ने खुलकर अपनी बात रखी। लो-वोल्टेज, अनियमित आपूर्ति और बार-बार कटौती के कारण उत्पादन प्रभावित होने की बात सामने आई। इस पर विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
पानी की कमी भी एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। कई औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त जलापूर्ति न होने से उत्पादन पर असर पड़ रहा है। इस पर जलकल विभाग को निर्देश दिया गया कि नियमित जलापूर्ति के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएं।
इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्याओं में खराब सड़कों, ड्रेनेज की कमी और जलभराव की समस्या पर विशेष चिंता जताई गई। उद्योग बंधुओं ने कहा कि इन समस्याओं के कारण कच्चे और तैयार माल के परिवहन में बाधा आती है। संबंधित विभागों को शीघ्र मरम्मत और सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों को संकलित कर शासन स्तर तक भेजा जाएगा, ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने साफ शब्दों में कहा कि औद्योगिक विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें।
बैठक में (गीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक सहित विद्युत, जलकल, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त ने अंत में कहा कि उद्योग बंधुओं के साथ नियमित संवाद जारी रखा जाएगा, ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान हो और गोरखपुर में औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।















