SP सूरज कुमार राय की अनोखी पहल, काबिलियत से थाने की कमान।
बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है, जो पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। रविवार को पुलिस लाइन के नटराज हॉल में उन्होंने जिले के सभी थानों में तैनात इंस्पेक्टरों और दरोगाओं की लिखित परीक्षा आयोजित कराई। एसपी ने खुद इनविजिलेटर की भूमिका निभाई, जबकि एएसपी और सीओ ने कक्ष निरीक्षण किया। परीक्षा 100 अंकों की एक घंटे की थी, जिसमें कानून व्यवस्था, विवेचना, साइबर क्राइम, बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता), आईपीसी, सीआरपीसी और नए कानूनों जैसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 से जुड़े प्रश्न शामिल थे।
एसपी सूरज कुमार राय का स्पष्ट मानना है कि थानों और चौकियों की जिम्मेदारी वरिष्ठता के आधार पर नहीं, बल्कि काबिलियत और ज्ञान के आधार पर दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “पहले विवेचनाओं में कमियां आती थीं, जो जांच की गुणवत्ता प्रभावित करती हैं। यह परीक्षा अधिकारियों की बौद्धिक क्षमता, कानूनी समझ और जांच की दक्षता को परखेगी। जो पास होंगे, उन्हें ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।” यह पहल पुलिस महकमे में नई परंपरा की शुरुआत है, जहां अब तक रैंक और वरिष्ठता ही आधार थे। एसपी का उद्देश्य अपराध नियंत्रण को मजबूत करना और जनता को बेहतर सेवा देना है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि यह बदलते अपराध स्वरूप, जैसे साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए आवश्यक है। परीक्षा के परिणाम जल्द घोषित होंगे, और सफल उम्मीदवारों को विशेषज्ञता के अनुसार तैनाती मिलेगी।
2018 बैच के आईपीएस सूरज कुमार राय की यह पहल उनकी प्रेरणादायक कहानी से जुड़ी लगती है। जौनपुर के रहने वाले सूरज ने पिता की हत्या के बाद इंजीनियरिंग छोड़कर यूपीएससी क्रैक किया और 117वीं रैंक हासिल की। उनका अनुभव उन्हें न्यायप्रिय बनाता है। यह कदम बागपत पुलिस को और सशक्त बना सकता है, लेकिन सवालों का समाधान आवश्यक है।















