शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में राफेलो तकनीक से सर्जरी कार्यशाला, 10 ऑपरेशन सफल
गोरखपुर। शाही ग्लोबल हॉस्पिटल में रविवार को रेडियो फ्रीक्वेंसी अबलेजन (राफेलो) तकनीक पर आधारित सर्जरी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अत्याधुनिक तकनीक ने चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति ला दी है। युद्ध के मैदान से निकलकर यह तकनीक अब बवासीर, भगंदर, फिशर, वैरिकोज वेन और अन्य रोगों के इलाज में प्रभावी साबित हो रही है।
राफेलो तकनीक की खासियत
यूरोप और यूके में डेढ़ साल पहले शुरू हुई राफेलो तकनीक अब भारत और उत्तर प्रदेश में अपनी जगह बना रही है। इस कार्यशाला में शाही ग्लोबल हॉस्पिटल ने 10 जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए। यह तकनीक न्यूनतम चीरे और तेज रिकवरी के लिए जानी जाती है, जो मरीजों को दर्द रहित और किफायती इलाज प्रदान करती है।
वरिष्ठ चिकित्सकों की भागीदारी
कार्यशाला में उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया, गोरखपुर के वरिष्ठ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से डॉ. एके सिंह, डॉ. जेपी जायसवाल (लाइफ केयर हॉस्पिटल), डॉ. आशीष खेतान (फातिमा हॉस्पिटल), और डॉ. नीलम यादव (प्लास्टिक सर्जन, समीक्षा हेयर ट्रांसप्लांट, कॉस्मेटिक एंड इनफर्टिलिटी सेंटर) सहित शहर के अन्य प्रतिष्ठित चिकित्सक मौजूद रहे।
गोरखपुर की चिकित्सा में अहम भूमिका
शाही ग्लोबल हॉस्पिटल हमेशा नई तकनीकों को अपनाकर मरीजों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज देने में अग्रणी रहा है। गोरखपुर के चिकित्सक नवीनतम तकनीकों से अपडेट रहकर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं। इस कार्यशाला ने पूर्वांचल में चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।















