जन शिकायत रजिस्टर से थानों में कार्रवाई की हकीकत होगी उजागर।

जन शिकायत रजिस्टर से थानों में कार्रवाई की हकीकत होगी उजागर।

 

 संतकबीरनगर

संतकबीरनगर, जिले के जनसुनवाई की गुणवत्ता और आमजन की संतुष्टि को शासन की प्राथमिकता मानते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप कुमार मीना ने थानों पर शिकायतों की जांच और कार्रवाई में सुस्ती को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत 19 बिंदुओं का जन शिकायत रजिस्टर तैयार कराया गया है, जो जिले के सभी 66 थानों में लागू किया गया है। यह रजिस्टर शिकायतों की गंभीरता, जांच और कार्रवाई की हकीकत को पारदर्शी तरीके से उजागर करेगा।

रजिस्टर का प्रारूप और उद्देश्य: नया जन शिकायत रजिस्टर शिकायतों का विस्तृत विवरण दर्ज करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें शामिल हैं:

शिकायत का दिनांक, समय, और दर्ज करने वाले अधिकारी का नाम।

आवेदक/आवेदिका और प्रतिवादी का नाम, पता, और मोबाइल नंबर।

शिकायत का विस्तृत विवरण, जांचकर्ता अधिकारी, फीडबैक, और की गई कार्रवाई (जैसे एफआईआर, निरोधात्मक कार्रवाई आदि)।

महिला अपराधों के लिए अलग से रजिस्टर का दूसरा भाग, ताकि इन मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।

एसपी संदीप मीना ने बताया कि इस रजिस्टर से शिकायतों की गंभीरता का तुरंत पता चलेगा और थाना स्तर पर कार्रवाई की जवाबदेही तय होगी। इससे शिकायतों को दबाने या कार्रवाई में लापरवाही का खेल रुकेगा।

जनसुनवाई की व्यवस्था: 

प्रारंभ और आंकड़े: 8 मई 2025 से एसपी कार्यालय में जनसुनवाई शुरू हुई, जिसमें प्रतिदिन 40 से अधिक शिकायतें दर्ज हो रही हैं। 23 मई तक 400 से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें कोतवाली, धनघटा, मेंहदावल, बखिरा, और महुली थानों से सर्वाधिक शिकायतें हैं।

रोस्टर आधारित सुनवाई: जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के लिए रोस्टर बनाया गया है। सोमवार को सीओ सदर, मंगलवार और शुक्रवार को सीओ धनघटा, बुधवार और शनिवार को सीओ मेंहदावल, गुरुवार को सीओ यातायात जनसुनवाई करेंगे। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अपने कार्यालय में और 12 बजे बाद एसपी कार्यालय में शिकायतें सुनेंगे।

वाचक कार्यालय की शिफ्ट: सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए वाचक कार्यालय दो शिफ्ट में काम करेगा प्रथम शिफ्ट सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे (4 कर्मचारी) और द्वितीय शिफ्ट शाम 6 बजे से रात 2 बजे (5 कर्मचारी)।

लाभ और प्रभाव: यह पहल शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही लाएगी। महिला अपराधों पर विशेष ध्यान देकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। पुलिस अधिकारियों को रजिस्टर की जांच से लापरवाही और गंभीरता का पता चलेगा, जिससे फरियादियों को समयबद्ध न्याय मिलेगा।

Previous articleउत्तर प्रदेश में 10 प्रशासनिक अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार व स्थानांतरण
Next articleनोडल अधिकारी ने की ग्राम चौपाल और पीएचसी निरीक्षण

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here