समाधान दिवस में डीएम की सख्ती, तहसीलदार को फटकार।
कुशीनगर। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने जनता की शिकायतें सुनीं। एक मामले में लापरवाही पर डीएम ने तहसीलदार दिनेश कुमार को जमकर फटकार लगाई और एसडीएम से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। डीएम ने साफ कहा कि शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी, दोषियों को परिणाम भुगतने होंगे।
35 शिकायतों में से पांच का मौके पर निस्तारण हुआ। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समाधान दिवस में दर्ज शिकायतों को प्राथमिकता दें, पीड़ितों की बात ध्यान से सुनें और निष्पक्ष निस्तारण करें। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव न हो, उन्हें तय समय में शासन की मंशा के अनुरूप हल करें। उन्होंने पक्षपात रहित कार्यवाही पर जोर दिया।
अमरनाथ कन्नौजिया ने शिकायत की कि उनके घर के रास्ते पर विपक्षी विश्वामित्र कन्नौजिया ने दीवार और शौचालय की टंकी बनाकर आवागमन बाधित कर दिया। तहसीलदार से बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम ने तहसीलदार से प्रकरण की जानकारी मांगी तो वे टालमटोल करने लगे, जबकि उन्होंने मौके का निरीक्षण किया था। इस पर डीएम भड़क गए और तहसीलदार को लताड़ते हुए कहा, “कानाफूसी बंद करो! आपको याद नहीं कि आप वहां गए थे? फरियादी परेशान है और आपको फिक्र नहीं। शर्म आनी चाहिए, थोड़ा काम सीखिए।
डीएम ने एसडीएम को तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगने और मामले का मौके पर निस्तारण करने का आदेश दिया। साथ ही, सभी एसडीएम को तूफान से फसल नुकसान का आकलन कर शाम तक सर्वे रिपोर्ट भेजने को कहा। जनहानि और पशुहानि के मामलों में शासकीय नियमों के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसपी संतोष कुमार मिश्रा ने पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई की और थानाध्यक्षों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान एसडीएम अनिल कुमार यादव, सीएमओ डॉ. अनुपम प्रकाश भास्कर, परियोजना निदेशक जगदीश त्रिपाठी, सीओ कसया कुंदन सिंह, डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी, जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका, डीसी मनरेगा राकेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।















