तहसील दिवस में प्रशासन सख्त, डीएम-एसएसपी ने सुनीं 180 शिकायतें, 18 का मौके पर निस्तारण
गोरखपुर, सदर तहसील सभागार में आयोजित तहसील समाधान दिवस में इस बार प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित समाधान कराया गया।
तहसील दिवस में कुल 180 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें से 18 मामलों का तत्काल निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के लिए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए।
भू-माफिया पर सख्ती, धान भुगतान में लापरवाही पर फटकार
सबसे अधिक शिकायतें जमीन कब्जा, बंटवारा, वरासत, चकबंदी और पारिवारिक विवादों से जुड़ी रहीं। एक अधिवक्ता की जमीन पर भू-माफिया द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत पर डीएम ने तहसीलदार को तुरंत मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने के निर्देश दिए। डीएम ने दो टूक कहा कि सरकारी या निजी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसान अभिषेक उपाध्याय की शिकायत पर कि उन्होंने 250 कुंतल धान बेचा लेकिन केवल 125 कुंतल का भुगतान मिला, डीएम ने डिप्टी आरएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह के अंदर शेष भुगतान कराने के निर्देश दिए।
मंदिर की जमीन पर नामांतरण की कोशिश नाकाम
एक मामले में मंदिर की जमीन को निजी नाम पर दर्ज कराने की कोशिश की जा रही थी। डीएम ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि मंदिर की जमीन मंदिर के नाम ही रहेगी, किसी भी प्रकार का निजी नामांतरण नहीं होगा।
आईजीआरएस और ई-गवर्नेंस पर जोर
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि अब कोई फाइल मैन्युअल रूप में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कार्य ई-फाइलिंग के तहत ही होंगे। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर वेतन कटौती जैसी कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर राहत
एक फरियादी की शादी के लिए गैस सिलेंडर की समस्या पर डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा तत्काल सिलेंडर उपलब्ध कराया गया।
तहसील दिवस में पुलिस संबंधी शिकायतों की सुनवाई एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने की और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जन समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और निष्पक्ष समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।















