बंदरों का खेल खत्म, अब SOP का इंतजार।

बंदरों का खेल खत्म, अब SOP का इंतजार।

 

गोरखपुर। नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने का अभियान फिलहाल रोक दिया है। अब इन शरारती मेहमानों से निपटने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाएगी, जिसके तहत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जाएगा। शहर के अलग-अलग इलाकों से अब तक 300 से ज्यादा बंदरों को पकड़ा जा चुका है, लेकिन बढ़ते आवेदनों ने निगम की मुश्किलें बढ़ा दीं।

नगर निगम एक बंदर को पकड़ने में 825 रुपये खर्च कर रहा था। सैनिक विहार, बशारतपुर, घासीकटरा, किरोड़ीमल का हाता और दिव्यनगर जैसे इलाकों से फर्म ने आवेदनों के आधार पर बंदरों को पकड़ा। सबसे ज्यादा शिकायतें सैनिक विहार से आईं, जहां से बड़ी संख्या में बंदर पकड़े गए। फिर भी, इस इलाके से रोजाना 50 से ज्यादा फोन और आवेदन आ रहे हैं।

निगम के सामने अब यह चुनौती है कि बंदरों को पकड़ने की प्राथमिकता कैसे तय की जाए। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. रॉबिन चंद्रा ने बताया, “बंदरों से निपटने के लिए SOP तैयार की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी।” 

“825 रुपये का बंदर, 50+ शिकायतें, और अब SOP की उम्मीद—क्या गोरखपुर में बंदरों से मिलेगी राहत?”

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