मानसून में खतरनाक बीमारियों का खतरा बढा
उत्तर प्रदेश /गोरखपुर
गोरखपुर एडिशन बरसात के मौसम ने ज्यादातर हिस्सों पर दस्तक दे दी है। रिमझिम बारिश एक तरफ चिलचिलाती धूप से राहत दिलाती है , तो वहीं, कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। बारिश में उमस और नमी बढ़ने से खाना जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए बाहर का खाना न खाने की सलाह दी जाती है। साथ ही जगह-जगह जल का जमाव मच्छरों की संख्या को बढ़ने का मौका देता है। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया आदि जैसी बीमारियां गंभीर रूप भी ले सकती हैं।
……….. डॉ धीरज सिंघानिया वरिष्ठ फिजीशियन गोरखपुर ने बताया कि मलेरिया के लक्षण दिखते ही तत्काल डॉक्टर के संपर्क में आने की जरूरत है लक्षण किस प्रकार से होता हैं। बताया कि
यह संक्रमण भी मच्छर के काटने से होता है। घर के आस पास जल के जमाव में मलेरिया के मच्छर पनपते हैं, जो इस बीमारी का मुख्य कारण भी है। मलेरिया के लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, जरूरत से ज्यादा पसीना आना और गंभीर एनीमिया जैसे लक्षण शामिल हैं। बीमारी का अगर इलाज समय पर न किया जाए, तो इससे सेरेब्रल मलेरिया हो सकता है, जो एक जानलेवा स्थिति बन सकती है। इसके साथ दौरे पड़ना, किडनी फेलियर, जॉन्डिस और सांस से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं। यह लक्षण आने से पहले ही रोगी को डॉक्टर के संपर्क में आने की जरूरत है। ताकि समय से उसे रोग का इलाज किया जा सके। डॉक्टर सिंघानिया ने बताया कि पहले दो दिन तक पेरासिटामोल ले सकते हैं यदि इससे कोई लाभ नहीं होता है तो आप डॉक्टर के संपर्क में आए डॉक्टर द्वारा जांच के अनुसार आगे की ट्रीटमेंट लेने की जरूरत होती है जब तक बीमारी दूर ना हो जाए इलाज व डॉक्टर के संपर्क में रहने की जरूरत है।















