हर बच्चे को पॉक्सो कानून की जानकारी जरूरी : न्यायिक अधिकारी
जागरूकता शिविरों में विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, बाल अधिकार और कानूनी सहायता की दी जानकारी
संतकबीरनगर। गांधी जयंती के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में पॉक्सो कानून को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इसमें विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, गुड टच-बैड टच और यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
नेहरू कृषक इंटर कॉलेज, खलीलाबाद में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी चंद्रमोहन श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को इस कानून की मूलभूत जानकारी होनी चाहिए, ताकि वह किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद ले सके।
उन्होंने विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाते हुए कहा कि यदि किसी छात्र-छात्रा या उसके मित्र के साथ ऐसा कोई शारीरिक व्यवहार होता है, जिससे वह असहज महसूस करे, तो घटना को छिपाएं नहीं। बिना डरे और घबराए किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें, ताकि मामले में नियमानुसार कार्रवाई हो सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनन्या साह ने विद्यार्थियों को निशुल्क विधिक सेवा, बाल अधिकार और वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
पॉक्सो अपराध में सजा के प्रावधान बताए
श्री लाल बहादुर शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज, टुम्पार में प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड नरेंद्र कुमार यादव और सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी अभिनव त्रिपाठी ने जागरूकता शिविर में विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के प्रावधानों और इसके तहत आने वाले अपराधों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोष सिद्ध होने पर कानून में विभिन्न अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान है।
विद्यार्थियों को नालसा हेल्पलाइन 15100 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ताओं, मध्यस्थों, एलएडीसीएस और पराविधिक स्वयंसेवकों की ओर से भी विभिन्न विद्यालयों में लगातार पॉक्सो कानून को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।















