सफाई योद्धाओं और युवा स्वयंसेवकों को मिला सम्मान, श्रम को सलाम 130 सफाईकर्मियों को प्रमाणपत्र-स्मार्टवॉच और 140 युवा स्वयंसेवकों को प्रमाणपत्र-एयरपॉड्स देकर बढ़ाया हौसला

सफाई योद्धाओं और युवा स्वयंसेवकों को मिला सम्मान, श्रम को सलाम

130 सफाईकर्मियों को प्रमाणपत्र-स्मार्टवॉच और 140 युवा स्वयंसेवकों को प्रमाणपत्र-एयरपॉड्स देकर बढ़ाया हौसला

बागपत,। स्वतंत्रता दिवस पर बागपत में उन कर्मयोगियों को सम्मान मिला, जिनकी मेहनत बड़े आयोजनों की सफलता के पीछे छिपी रहती है। पुरा महादेव के जीरो वेस्ट महोत्सव को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 130 सफाईकर्मियों को जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने प्रमाणपत्र और स्मार्टवॉच देकर सम्मानित किया। वहीं, श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था में योगदान देने वाले 140 युवा स्वयंसेवकों को प्रमाणपत्र और एयरपॉड्स प्रदान किए गए।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में सफाईकर्मियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। किसी ने प्रमाणपत्र सीने से लगाया तो किसी ने हाथ में मिली स्मार्टवॉच पहनकर साथियों को दिखाई। सम्मानित कर्मियों ने कहा कि वे वर्षों से अपना काम करते आ रहे हैं, लेकिन मंच से नाम लेकर सम्मान मिलने का अनुभव अलग है। एक सफाईकर्मी ने कहा, “यह सम्मान बच्चों को बताएगा कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती।”

पुरा महादेव में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान सफाईकर्मियों ने कचरा संग्रह, डस्टबिन प्रबंधन, पूजा सामग्री के पृथक्करण और जरूरत के अनुसार तत्काल सफाई की जिम्मेदारी संभाली। भारी बारिश और लगातार भीड़ के बीच भी उनका काम जारी रहा।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि जीरो वेस्ट महोत्सव की सफलता केवल प्रशासन की व्यवस्था से संभव नहीं हुई। सफाईकर्मियों, स्वयंसेवकों, नागरिकों और श्रद्धालुओं की सामूहिक भागीदारी ने इसे सफल बनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग बड़े आयोजनों में सबसे पहले ड्यूटी पर पहुंचते हैं और सबसे अंत में लौटते हैं, उनके श्रम को पहचान मिलना जरूरी है। ‘भक्ति भी, प्रकृति भी’ का संदेश तभी सार्थक होगा, जब आस्था के साथ स्वच्छता और पर्यावरण की जिम्मेदारी भी निभाई जाए।

युवा शक्ति ने भी निभाई जिम्मेदारी

नंदनकानन वन में आयोजित कार्यक्रम में सिविल डिफेंस के 115 और स्काउट-गाइड के 25, कुल 140 युवा स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। पुरा महादेव आयोजन में युवाओं ने श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, भीड़ नियंत्रण, अनुशासन और जरूरतमंदों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डिप्टी कलेक्टर एवं नागरिक सुरक्षा उपनियंत्रक दीपशिखा सिंह के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने बारिश और भीड़ के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाई। किसी ने बुजुर्ग श्रद्धालुओं की मदद की तो किसी ने महिलाओं और बच्चों को रास्ता दिखाया। सम्मान के बाद युवाओं ने आगे भी इसी तरह सेवा करने का संकल्प लिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बागपत की युवा शक्ति ने साबित किया है कि जरूरत पड़ने पर युवा केवल दर्शक नहीं, बल्कि व्यवस्था के सक्रिय भागीदार बन सकते हैं। ‘हमारा जनपद, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना को आगे बढ़ाना ही इस सम्मान का उद्देश्य है।

सम्मान समारोह में जन उदय फाउंडेशन के सीएसआर सहयोग की भी सराहना की गई। फाउंडेशन की ओर से सफाईकर्मियों के लिए स्मार्टवॉच और युवाओं के लिए एयरपॉड्स उपलब्ध कराए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की साझेदारी से ऐसी पहल को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक देवेंद्र पांडेय, डिप्टी कलेक्टर दीपशिखा सिंह, जन उदय फाउंडेशन के पदाधिकारी, जिला सूचना अधिकारी राहुल सिंह भाटी, खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त डीपी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सम्मान समारोह का संदेश स्पष्ट रहा—जो हाथ शहर और आस्था के बड़े आयोजनों को स्वच्छ रखते हैं, उनका सम्मान भी उतना ही जरूरी है; और जिस युवा शक्ति ने जिम्मेदारी उठाई है, उसका हौसला बढ़ाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

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