गीडा सेक्टर-22 में प्रशासन का बड़ा एक्शन, अवैध होटलों पर छापेमारी एसडीएम व गीडा सीईओ की संयुक्त कार्रवाई, दो होटल सील, मैनेजर और मुंशी हिरासत में

गीडा सेक्टर-22 में प्रशासन का बड़ा एक्शन, अवैध होटलों पर छापेमारी

एसडीएम व गीडा सीईओ की संयुक्त कार्रवाई, दो होटल सील, मैनेजर और मुंशी हिरासत में

सहजनवा (गोरखपुर)। औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर-22 में अवैध रूप से संचालित हो रहे होटलों के खिलाफ मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो होटलों को सील कर दिया। उपजिलाधिकारी सहजनवा केसरी नंदन तिवारी और गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं तहसीलदार सहजनवा राकेश कन्नौजिया के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी कर यह कार्रवाई की।

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान होटल संचालकों से लाइसेंस, पंजीकरण सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेजों के अभाव में प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दो होटलों को सील कर दिया।

छापेमारी के दौरान थाना गीडा प्रभारी निरीक्षक अश्वनी पांडेय भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। अचानक हुई कार्रवाई से होटल संचालकों और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने होटल के मैनेजर और मुंशी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दोनों से होटल संचालन, स्वामित्व और अन्य गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

उपजिलाधिकारी केसरी नंदन तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और बिना मानक एवं पंजीकरण के संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान संबंधित होटल संचालक आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके चलते नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि गीडा क्षेत्र में बिना अनुमति, बिना पंजीकरण अथवा नियमों के विपरीत संचालित किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सेक्टर-22 सहित गीडा क्षेत्र के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। जिन प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Previous article12 जुलाई को बस्ती में 44 लाख पौधरोपण का महाअभियान “पौधा लगाना नहीं, उसे जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी” : डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना गड्ढे की खुदाई से लेकर जियो-टैगिंग तक होगी निगरानी, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
Next articleनिर्यात से देश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई रफ्तार गोरखपुर में निर्यात जागरूकता सम्मेलन, 60 से अधिक उद्यमियों और निर्यातकों ने लिया भाग

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here