मिलावटखोरों पर प्रशासन की सख्ती, हर खाद्य प्रतिष्ठान का होगा शत-प्रतिशत पंजीकरण: डीएम
स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और फूड सप्लीमेंट की गुणवत्ता जांच के दिए निर्देश
महराजगंज। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं लाइसेंस सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन तथा प्रवर्तन कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, प्राथमिक विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखंड में नियमित निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाएं और उनकी प्रयोगशाला से जांच कराई जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके।
युवाओं में तेजी से बढ़ रहे फूड सप्लीमेंट के उपयोग को देखते हुए डीएम ने बाजार में उपलब्ध विभिन्न ब्रांडों के फूड सप्लीमेंट के नमूने एकत्र कर उनकी गुणवत्ता की प्रयोगशाला से जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानकविहीन अथवा मिलावटी फूड सप्लीमेंट युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, इसलिए इनके विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।
बैठक में खाद्य सुरक्षा से संबंधित न्यायालयों में लंबित एवं निर्णीत मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने तथा न्यायालयों से निर्णय प्राप्त मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने औषधि निरीक्षक को सीमावर्ती क्षेत्रों में दवाओं की गुणवत्ता एवं बिक्री की सघन जांच करने तथा सभी जनऔषधि केंद्रों पर निर्धारित दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. उपाध्याय ने बताया कि जनपद में अब तक 1,114 खाद्य लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं तथा 6,069 खाद्य प्रतिष्ठानों का पंजीकरण किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 189 वाद दायर किए गए, जिनमें से 201 वादों का निस्तारण करते हुए 27.62 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून माह तक 73 वाद दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 53 मामलों का निस्तारण करते हुए 8.06 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम, जिला आबकारी अधिकारी अतुल द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक पी.के. शर्मा, उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह, औषधि निरीक्षक नवीन कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।















