सूचना के साथ समाधान” की नई पहल: RTI अब सिर्फ जानकारी नहीं, समस्याओं का भी त्वरित निस्तारण करेगी
वाराणसी/जौनपुर/सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश में सूचना अधिकार (RTI) व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए “सूचना के साथ समाधान” की नीति पर तेजी से काम हो रहा है। राज्य सूचना आयोग अब केवल सूचनाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान को भी समान प्राथमिकता दे रहा है।
राज्य सूचना आयुक्त वीरेन्द्र सिंह वत्स ने शुक्रवार को विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस नई कार्यप्रणाली से लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। अब नागरिक केवल जानकारी प्राप्त करने के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर भी RTI आवेदन कर रहे हैं। इसके चलते राज्य में RTI आवेदनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
वीरेन्द्र सिंह वत्स ने वाराणसी के भानपुर, जौनपुर के सुइथाकला और सुल्तानपुर के करौंदी कलाँ एवं पहाड़पुर कलॉ में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों को संबोधित किया। सुल्तानपुर के स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में उन्होंने कहा कि आयोग विभिन्न सरकारी विभागों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित कर रहा है। साथ ही सूचना के साथ-साथ संबंधित समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस पहल से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आई है और कई विभागों ने स्वयं संज्ञान लेकर समस्याओं का समाधान किया है। वत्स ने जोर देकर कहा कि सूचना का अधिकार केवल एक कानूनी अधिकार नहीं, बल्कि सुशासन को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। “सूचना के साथ समाधान” की यह पहल जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत कर रही है तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बना रही है।
राज्य सूचना आयुक्त ने उम्मीद जताई कि इस नई व्यवस्था से भविष्य में और अधिक लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पहले से अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनेंगी।















