बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एएसपी संजीव सिन्हा ने दिलाई शपथ, समाज से कुप्रथा रोकने का लिया संकल्प

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एएसपी संजीव सिन्हा ने दिलाई शपथ, समाज से कुप्रथा रोकने का लिया संकल्प

रायबरेली । जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के निर्देश पर जनपद में चल रहे ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ 100 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाना और इस सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक संकल्प लेना था।

कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों, कर्मचारियों एवं अन्य लोगों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों, शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों, शिक्षा पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिनियम के अनुसार बाल विवाह संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है। लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की 21 वर्ष अनिवार्य है। उल्लंघन पर दोषी को 2 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड हो सकते हैं।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा ने सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई। शपथ में प्रतिज्ञा की गई कि

– स्वयं बाल विवाह नहीं करेंगे,

– परिवार या समाज में कहीं भी बाल विवाह होने नहीं देंगे,

– बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस, संबंधित विभाग या हेल्पलाइन (1098, 181, 112 आदि) को सूचित करेंगे,

– समाज में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने में सक्रिय सहयोग करेंगे।

क्षेत्राधिकारी नगर अरुण कुमार नौहवार ने अपील की कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाती है। समाज में व्यापक जागरूकता और एक-दूसरे के सहयोग से ही भारत को पूर्ण रूप से बाल विवाह मुक्त बनाया जा सकता है। सभी को इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।

कार्यक्रम में हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन से डीएमसी शेफाली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी, पोश परामर्शदाता रूमा परवीन सहित कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इन संस्थाओं ने अभियान के दौरान जागरूकता सत्र, काउंसलिंग तथा कानूनी सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम रायबरेली में बाल विवाह रोकथाम की दिशा में मजबूत संदेश है। प्रशासन एवं पुलिस का प्रयास है कि 100 दिवसीय अभियान के दौरान हर घर तक पहुंचकर इस कुप्रथा को समाप्त किया जाए तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित हो। समाज के सभी वर्गों से अपील है कि वे अभियान में सहयोग करें और बाल विवाह की किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई कराएं।

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