बिजली निजीकरण के विरोध में 234वें दिन भी बिजली कर्मियों और अभियंताओं का जोरदार प्रदर्शन!
गोरखपुर। शनिवार को बिजली निजीकरण के खिलाफ उत्तर प्रदेश में 234वें दिन लगातार विरोध प्रदर्शन जारी रहा। ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) की 20 जुलाई को लखनऊ में होने वाली फेडरल काउंसिल की आम सभा इस आंदोलन की दिशा तय करेगी। यह बैठक सुबह 11 बजे वाटर एंड लैंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (वाल्मी), उतरेटिया, वृंदावन, लखनऊ में आयोजित होगी, जहां उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में निजीकरण के मुद्दे पर गहन चर्चा होगी।
AIPEF के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे और सेक्रेटरी जनरल पी. रत्नाकर राव ने बताया कि बैठक में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के साथ महाराष्ट्र में पैरेलल लाइसेंस देने की प्रक्रिया पर फोकस होगा। देशव्यापी आंदोलन की रणनीति भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल लोकसभा में पांच बार लटकने के बाद अब रूल्स के जरिए निजीकरण थोपा जा रहा है, जिसमें ट्रांसमिशन और उत्पादन क्षेत्र भी प्रभावित हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के संयोजक संयज सिंह चौहान और महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि यह बैठक आंदोलन को नई ताकत देगी। आज गोरखपुर समेत वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, हरदुआगंज, जवाहरपुर, परीक्षा, पनकी, ओबरा, पिपरी और अनपरा में विरोध सभाएं हुईं।















