विकास भवन में जीपीडीपी-पीएआई कार्यशाला ने पंचायती राज को दी नई दिशा 

विकास भवन में जीपीडीपी-पीएआई कार्यशाला ने पंचायती राज को दी नई दिशा 

 

गोरखपुर। विकास भवन के सभागार में शुक्रवार, की शाम एक दिवसीय प्रशिक्षण और कार्यशाला का शानदार आयोजन हुआ, जो पंचायती राज में क्रांति का संदेश लेकर आया। जीपीडीपी, पीडीआई समितियों के सदस्य, डिजिटल लाइब्रेरी प्रतिनिधि और मीडियाकर्मियों ने इस मेगा इवेंट में हिस्सा लिया। जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह और डीसी मनरेगा रघुनाथ सिंह ने दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम का आगाज किया।

 

नीलेश प्रताप सिंह ने पंचायती राज व्यवस्था, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत प्रतिपूर्ति, उत्सव भवन और पीएआई पर रोचक जानकारी साझा की। डीपीआरसी प्रबंधक ने सतत विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) के स्थानीयकरण पर विस्तार से प्रकाश डाला, जबकि डीपीएम ने शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। प्रशिक्षक अजीत तिवारी ने एलएसडीजी के 9 थीमेटिक जीपीडीपी और ब्रजेश तिवारी ने पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) व ओएसआर पर गहरी चर्चा की, जो प्रतिभागियों के लिए ज्ञान का खजाना साबित हुई।

 

दोपहर में जिला पंचायत राज अधिकारी ने पीएआई 2.0 कार्यशाला का शुभारंभ किया, जिसमें एसडीएम, बीडीओ, एडीओ पंचायत और विकासखंड अधिकारी शामिल हुए। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, बैंकिंग, आजीविका, खाद्य सुरक्षा, आवास और रोजगार विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मकसद पंचायतों में डेटा सटीकता, क्रिटिकल गैप पहचान और सहभागी वार्षिक कार्य योजना बनाना था। यह पहल पंचायतों को कॉमन रिसोर्सेस के आधार पर प्रगति आकलन और बेहतर नियोजन का सुनहरा अवसर देगी।

Previous articleखलीलाबाद: लापता पांच किशोर गोरखपुर से 24 घंटे में बरामद, परिजनों को सौंपे गए।
Next articleआशा-सफाई कर्मियों को बीएलओ की जिम्मेदारी से मुक्ति, शिक्षामित्र-पंचायत मित्र लेंगे कमान।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here