आशा-सफाई कर्मियों को बीएलओ की जिम्मेदारी से मुक्ति, शिक्षामित्र-पंचायत मित्र लेंगे कमान।
गोरखपुर। पंचायत चुनाव 2025 की तैयारियों में नया मोड़! भारत निर्वाचन आयोग के ताजा निर्देशों ने आशा और सफाई कर्मियों को बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की भूमिका से आजाद कर दिया है। अब इस जिम्मेदारी की बागडोर शिक्षामित्र, पंचायत मित्र और ग्राम सेवकों के हाथों में सौंपी जाएगी, जिन्हें मानक आईडी भी प्रदान की जाएगी। आज तहसील सदर सभागार में अपर एसडीएम सदर/एआरओ आरती साहू ने 321 पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के सुपरवाइजर्स के साथ बैठक कर इसकी रूपरेखा तैयार की।
पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के बीच मतदाता सूची को अपडेट करने और नए नाम जोड़ने की रणनीति पर जोर है। हर ग्राम सभा और उसके टोले-मजरों में रहने वाली जनता के लिए सटीक मतदाता सूची बनाना लक्ष्य है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि आशा और सफाई कर्मी अब इस प्रक्रिया से दूर रहेंगे, जबकि शिक्षामित्र, पंचायत मित्र और ग्राम सेवक इस चुनौतीपूर्ण कार्य को संभालेंगे। इन्हें मानक आईडी देकर तकनीकी सहायता भी दी जाएगी।
बैठक में सुपरवाइजर्स ने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की बारीकी से जानकारी ली। मौके पर नायब तहसीलदार पिपराइच/ईआरओ अरविंद नाथ पांडेय और नायब तहसीलदार राकेश कुमार शुक्ला भी उपस्थित रहे।















