महापौर के कर-कमलों से बेटियों को सौंपी आत्मनिर्भरता की सवारी — रोटरी क्लब गोरखपुर का प्रेरक उपक्रम
“साइकिल से स्कूल, सपनों की ओर: रोटरी क्लब ने बेटियों को दी नई उड़ान”
गोरखपुर, : शिक्षा वह दीप है जो अंधेरों को चीरकर उजाले की राह बनाती है। इस सत्य को साकार करता रोटरी क्लब गोरखपुर ने बुधवार को एम.जी. इंटर कॉलेज के प्रांगण में एक प्रेरणादायी साइकिल वितरण समारोह आयोजित किया। इस आयोजन ने न केवल आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि समाज में शिक्षा और नारी सशक्तीकरण का एक सशक्त संदेश भी प्रसारित किया।
महापौर का प्रेरक संदेश
मुख्य अतिथि महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने बालिकाओं को साइकिलें सौंपते हुए कहा, “ये साइकिलें केवल स्कूल तक का साधन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का पहिया हैं। जब बेटियाँ इन पर सवार होकर स्कूल जाएँगी, तो उनके साथ उनके सपने और संकल्प भी गतिमान होंगे। रोटरी क्लब का यह प्रयास समाज को नई दिशा देगा।” उन्होंने बेटियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में अग्रणी हैं, और ये साइकिलें उन्हें उनके सपनों की मंजिल तक निर्भय ले जाएँगी।
रोटरी क्लब का सेवा संकल्प
रोटरी क्लब गोरखपुर के अध्यक्ष एमपी कंडोई और सचिव संचित श्रीवास्तव ने बताया कि यह आयोजन रोटरी डिस्ट्रिक्ट ग्रांट योजना के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं को स्कूल जाने का साधन प्रदान कर उनकी शिक्षा को निर्बाध बनाना है। उन्होंने कहा, “हमारा सेवा अभियान भविष्य में भी समाज के उत्थान के लिए निरंतर चलेगा।”
आयोजन में पूर्व अध्यक्ष मंकेश्वर नाथ पांडेय, संजीव अग्रवाल, क्षेत्र समन्वयक नितिन अग्रवाल, पूर्व सचिव आलोक अग्रवाल, आशीष दास, प्रवीर आर्य, मनीष जायसवाल, डॉ. आरपी शुक्ला, मांधाता सिंह, सुधांशु चंद्र वर्मा, आशुतोष मिश्र, अशोक गुप्ता, डॉ. दिनेश सिंह, डॉ. मणीरंजन सिन्हा और डॉ. रंजना ने सक्रिय योगदान दिया।
बालिकाओं की आँखों में सपनों की चमक
पूर्व मंडलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल और मंकेश्वर नाथ पांडेय ने कहा, “बालिकाओं को साइकिल सौंपते समय उनकी आँखों की चमक और चेहरों की मुस्कान एक नए भविष्य की गवाही दे रही थी। ये साइकिलें उनके सपनों की पहली सवारी हैं, जो उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का रास्ता दिखाएँगी।”
भावी अध्यक्ष सतीश राय ने इसे रोटरी के ‘सेवा से जीवन’ मंत्र का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा, “यह आयोजन उन परिवारों के लिए आशा की किरण है, जहाँ बेटियाँ अब तक स्कूल तक पहुँचने के अभाव में शिक्षा से वंचित थीं।”
संजीव अग्रवाल और आशीष दास ने कहा, “ये साइकिलें बेटियों को न केवल स्कूल ले जाएँगी, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान के नए अध्याय की ओर भी। यह क्षण गोरखपुर के सामाजिक इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा।”
बेटियों के सपनों को मिला सहारा
इस आयोजन में काजल गुप्ता, प्रीतिका राय, हर्षिता गिरी, निहारिका गिरी, लक्ष्मी गॉड, रोशनी, सुहानी कुमारी, कौर गाना, कुमकुम, माही गुप्ता और संस्कृति गुप्ता को साइकिलें प्रदान की गईं। साइकिल पाकर इनके चेहरों पर बिखरी मुस्कान और आँखों की चमक ने आयोजन की सार्थकता को और सशक्त किया। इन बेटियों ने उत्साह और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह साइकिल उनके लिए शिक्षा और सपनों का नया द्वार खोलेगी।
नया अध्याय, नई उम्मीद
रोटरी क्लब गोरखपुर का यह उपक्रम नारी शिक्षा और सशक्तीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह आयोजन न केवल बेटियों को स्कूल तक पहुँचाएगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देगा। यह गोरखपुर के लिए एक ऐसी कहानी रच रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।















