अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा, 3956 बदमाश रडार पर, 10 साल के गंभीर अपराधों की सख्ती से होगी जांच।
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर में अपराध की जड़ों पर प्रहार करने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। पिछले 10 वर्षों में हत्या, लूट, डकैती, छिनैती, नकबजनी, वाहन चोरी, गोतस्करी और नशा तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त 3,956 अपराधियों को चिह्नित किया गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप कुमार मीना के नेतृत्व में इन अपराधियों पर नकेल कसने की व्यापक रणनीति तैयार की गई है। पुलिस अब इन बदमाशों का सत्यापन कर डोजियर तैयार करेगी, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी, साथ ही हिस्ट्रीशीट खोलकर नियमित निगरानी सुनिश्चित करेगी।
10 वर्षों में अपराध का लेखा-जोखा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक दशक में हत्या के 535, लूट के 357, डकैती के 102, छिनैती के 53, नकबजनी के 562, साधारण चोरी के 418, वाहन चोरी के 303, एनडीपीएस (नशा तस्करी) के 375, अवैध शराब तस्करी के 159 और गोतस्करी-गोवध के 1,092 अपराधी चिह्नित किए गए हैं। इनमें से कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र अपराध का गढ़ रहा, जहां हत्या के 173, लूट के 159 और डकैती के 78 आरोपी शामिल हैं। वहीं, बेलहर कला में हत्या के केवल 7 और लूट के 4 आरोपी चिह्नित हुए, जो सबसे कम है। दुधारा और महुली में डकैती के मामले न्यूनतम (0-5) रहे, जबकि बखिरा में गोतस्करी-गोवध के 223 मामले सामने आए।
पुलिस की रणनीति: सत्यापन से लेकर सख्त कार्रवाई तक
एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि 19 जून से 28 जून तक सभी चिह्नित अपराधियों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। थाना स्तर पर दरोगा, दीवान और सिपाहियों की टीमें इस अभियान में जुटी हैं। सत्यापन के बाद सक्रिय अपराधियों का डोजियर तैयार होगा। इसके आधार पर गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। जो अपराधी अन्य जिलों या राज्यों के हैं, उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी जुटाकर संबंधित पुलिस अधीक्षकों से पत्राचार किया जाएगा, ताकि उनकी हिस्ट्रीशीट वहां भी खोली जा सके।
जमानत पर रिहा अपराधी फिर सक्रिय, अपराध में वृद्धि
पुलिस के अनुसार, जमानत पर रिहा हुए कई अपराधी और गैंग के सदस्य दोबारा अपराध जगत में सक्रिय हो रहे हैं, जिससे अपराध की दर में इजाफा हो रहा है। ऐसे में पुलिस इन अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों का पता लगाकर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करेगी। इस सख्ती से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और जिले में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
क्षेत्रवार अपराधियों की स्थिति
खलीलाबाद: हत्या (173), लूट (159), डकैती (78), नकबजनी (264), गोतस्करी (100)।
दुधारा: गोतस्करी (629), नकबजनी (68), हत्या (34), लूट (0)।
धनघटा: हत्या (100), लूट (83), नकबजनी (53)।
महुली: हत्या (79), लूट (35), नकबजनी (52)।
मेंहदावल: छिनैती (18), हत्या (52), नकबजनी (28)।
बखिरा: गोतस्करी (223), हत्या (69), नकबजनी (59)।
बेलहर कला: हत्या (7), लूट (4), नकबजनी (6)।
धर्मसिंहवा: नकबजनी (32), हत्या (21), गोतस्करी (30)।
पुलिस की प्रतिबद्धता
एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा, “हमारा लक्ष्य अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाना है। सत्यापन और डोजियर तैयार करने के बाद हर सक्रिय अपराधी पर कड़ी नजर रखी जाएगी। गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई से अपराधियों में खौफ पैदा होगा।”
नागरिकों की अपेक्षा
जिले के नागरिक भी इस अभियान से उत्साहित हैं। उनका मानना है कि पुलिस की यह सख्ती अपराधियों के मनोबल को तोड़ेगी और आम जनता में सुरक्षा का भाव बढ़ेगा। इस पहल से संतकबीरनगर में अपराधमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाया गया है।















