एसडीएम का सख्त निर्देश: 20 टीमें करेंगी असंतुष्ट प्रार्थना पत्रों की जांच।
गोरखपुर: बृहस्पतिवार को तहसील सदर सभागार में एसडीएम सदर रोहित मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में जन सुनवाई और मुख्यमंत्री पोर्टल पर आए असंतुष्ट प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के लिए सख्त कदम उठाए गए। एसडीएम ने 20 तीन-सदस्यीय टीमें गठित कीं, जिसमें एक कानूनगो और दो लेखपाल शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच फरियादी के प्रार्थना पत्र के बिंदुओं पर ही होगी, मौखिक आधार पर नहीं।
एसडीएम ने कहा कि लेखपाल स्पॉट मेमो और गूगल फोटोग्राफ्स के साथ रिपोर्ट कानूनगो को सौंपेंगे। कानूनगो स्वयं स्थल पर जाकर जांच करेंगे और तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। जिस क्षेत्र का प्रार्थना पत्र है, वहां का लेखपाल या कानूनगो जांच नहीं करेगा; दूसरे क्षेत्र की टीम जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर नायब तहसीलदार और तहसीलदार भी जांच करेंगे। एसडीएम ने चेतावनी दी कि प्रार्थना पत्र और रिपोर्ट में अंतर या कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
इस आदेश से कानूनगो और लेखपालों में हड़कंप मच गया। बैठक में तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव, आकांक्षा पासवान, जाकिर हुसैन, नीरू सिंह, प्रद्युमन सिंह सहित सभी कानूनगो मौजूद रहे। यदि इस आदेश का कड़ाई से पालन हुआ, तो फरियादियों की समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान संभव है, अन्यथा यह हवाई साबित हो सकता है।















