धुआं बना सजा, प्रशासन की चुप्पी से जनता बेहाल।
गोरखपुर
गोरखपुर के सहजनवां तहसील में सीहापार ओवर ब्रिज के पास बीते बीस दिनों से जल रहा कूड़ा अब लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। मेडिकल वेस्ट और कचरे से उठता जहरीला धुआं सांस लेना मुश्किल कर रहा है, वहीं हाइवे पर सफर को जोखिम में डाल रहा है। स्थानीय लोगों ने अफसरों से बार-बार शिकायत की, लेकिन उनकी अनदेखी ने हालात को और बिगाड़ दिया है। यह धुआं अब सेहत, सुरक्षा और आजीविका पर संकट बनकर मंडरा रहा है।
सीहापार ओवर ब्रिज के दाहिनी ओर जलते कचरे से निकलने वाला धुआं इतना घना है कि हाइवे पर विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। इससे न सिर्फ वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि आग फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। आसपास के गांवों के लोग इसकी चपेट में हैं। रोजी-रोटी के लिए टेंपो चलाने वालों का काम ठप हो गया है। चाय की गुमटी चलाने वाली क्षमा यादव ने बताया कि दुर्गंध और धुएं के कारण ग्राहक पास नहीं आते, जिससे उनकी कमाई खत्म हो गई। तहसील और थाने तक शिकायत पहुंची, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
गूंजा यादव ने कहा कि कचरे के धुएं ने उन्हें सांस की बीमारी दे दी है। अब न सोना संभव है, न खाना। दुकानदार बसंत ने बताया कि 20 दिनों से तेज धुआं और दुर्गंध के कारण लोग दुकान से कतराने लगे हैं। लालचंद ने कहा कि धुएं के चलते हाइवे पर दूर तक कुछ दिखाई नहीं देता, जिससे लोग वैकल्पिक रास्ते चुन रहे हैं। मेडिकल वेस्ट का जलना इस समस्या को और गंभीर बना रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।
लोगों का गुस्सा अफसरों की चुप्पी पर फूट रहा है। हालांकि, एसडीएम सहजनवां दीपक गुप्ता ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।















