एसआर इंटरनेशनल में सफलता का जश्न, नौनिहालों ने लहराया परचम, पुरस्कारों की बौछार।

एसआर इंटरनेशनल में सफलता का जश्न, नौनिहालों ने लहराया परचम, पुरस्कारों की बौछार।

संतकबीरनगर।।

संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान एसआर इंटरनेशनल एकेडमी में शनिवार को शैक्षणिक सत्र 2024-2025 का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। यह दिन न केवल बच्चों के लिए, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी गर्व और खुशी का अवसर बन गया। परिणाम घोषणा के साथ ही मैनेजमेंट ने रैंकर्स पर आकर्षक पुरस्कारों की बौछार कर उनकी मेहनत को सम्मानित किया। कक्षा 6 से 11 तक के टॉपर्स को साइकिलें, जबकि नर्सरी और जूनियर कक्षाओं के मेधावियों को हैंड वॉच, वॉल वॉच और टिफिन बॉक्स जैसे पुरस्कार दिए गए। बच्चों के चेहरों पर सफलता की चमक और अभिभावकों की आंखों में संतुष्टि साफ झलक रही थी।

इस अवसर पर आयोजित शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन में प्ले-वे से लेकर कक्षा 9 और 11 तक के छात्र-छात्राओं ने अपने रिपोर्ट कार्ड प्राप्त किए। अभिभावकों ने बच्चों की प्रगति पर शिक्षकों से चर्चा की और नए सत्र के लिए शुभकामनाएं भी लीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डॉ. उदय प्रताप चतुर्वेदी ने नौनिहालों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा, “इस ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों ने कठिन परिश्रम से अपनी प्रतिभा को निखारा है। शिक्षकों का समर्पण भी काबिले-तारीफ है। नए सत्र में और बेहतर करने का संकल्प लें।” उन्होंने बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

विशिष्ट अतिथि और संस्थान के प्रबंध निदेशक राकेश चतुर्वेदी ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि आगामी सत्र में शिक्षण प्रणाली में नया रंग देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “संसाधनों की कमी नहीं होगी। अभिभावक, शिक्षक और छात्र मिलकर प्रयास करें तो सफलता की ऊंचाइयां छूने से कोई नहीं रोक सकता।” सहायक प्रबंधक मनोज कुमार पांडेय ने बच्चों को 4 अप्रैल तक नामांकन कराने की सलाह दी और बताया कि इसी तिथि से नया सत्र शुरू होगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, प्रबंध निदेशक, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, पीजी कॉलेज के प्राचार्य वेद प्रकाश पांडेय और अन्य गणमान्य लोगों ने मां सरस्वती और संस्थान के संस्थापक स्व. पं. सूर्य नारायण चतुर्वेदी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। इस मौके पर शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे। यह आयोजन न सिर्फ सफलता का उत्सव था, बल्कि नए लक्ष्यों की ओर बढ़ने का संदेश भी दे गया।

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