रसोईयों की हुंकार: सात सूत्रीय मांगों के लिए नगर निगम पार्क में विशाल धरना

गोरखपुर। शुक्रवार को अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोईया महासंघ के बैनर तले सैकड़ों रसोईयों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम के रानी लक्ष्मीबाई पार्क में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धरने की अध्यक्षता प्रांतीय संरक्षक सुरेंद्र नाथ गौतम ने की, जबकि संचालन जिलाध्यक्ष लाली देवी ने किया। प्रदर्शन के दौरान रसोईयों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए सुरेंद्र नाथ गौतम ने कहा कि 8 अक्टूबर 2024 को लखनऊ विधानसभा में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने रसोईया प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को मुख्यमंत्री से चर्चा कर पूरा करने का भरोसा दिलाया था। लेकिन अब तक कोई शासनादेश जारी नहीं हुआ, जिसके चलते रसोईयां भुखमरी और शोषण का शिकार हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि रसोईयों की नीतियों पर पुनर्विचार कर उनकी दशा में सुधार किया जाए।
प्रदेश महामंत्री संगीता यादव ने कहा कि रसोईयों की नियुक्ति से छात्र संख्या की अनिवार्यता को हटाया जाए, क्योंकि कम छात्र संख्या के आधार पर रसोईयों को नौकरी से हटाया जा रहा है, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। जिलाध्यक्ष लाली देवी ने जोर देकर कहा कि 2000 रुपये के मानदेय से बच्चों का पालन-पोषण असंभव है। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए न्यूनतम वेतन तय करने और 2005 से अब तक का बकाया भुगतान देने की मांग की।
प्रदेश उपाध्यक्ष भोलेनाथ गोंड ने बताया कि रसोईयां 11 महीने काम करती हैं, लेकिन उन्हें केवल 10 महीने का मानदेय मिलता है, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने 12 महीने के मानदेय और साल में 10 दिन के आकस्मिक अवकाश की मांग की। वहीं, तैयब अंसारी ने रसोईयों के लिए दुर्घटना बीमा और घटना होने पर 10 लाख रुपये के मुआवजे की मांग उठाई।
धरने में कृष्णा गोंड, नत्थू प्रसाद, किरन गिरि, सुनील, गोविंद राव, रिंकू गोंड, हेमा देवी, गीता देवी, अवनीश सिंह, माया देवी सहित कई रसोईयों ने अपनी बात रखी। पूर्वांचल के लगभग सभी जिलों से पहुंची रसोईयों की भारी भीड़ ने प्रदर्शन को और मजबूती दी। यह धरना रसोईयों की एकजुटता और उनकी मांगों के प्रति उनकी दृढ़ता का प्रतीक बना।















