नवरात्र का महासंयोग: शक्ति आराधना के साथ बन रहे हैं नौ शुभ योग।
गोरखपुर /वाराणसी। हिंदी नववर्ष के आगमन के साथ ही शक्ति की उपासना का पावन पर्व वासंतिक नवरात्र 30 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इस बार नवरात्र में सर्वार्थ सिद्धि, रवि, सिद्धि और रवि-पुष्य योग सहित नौ महासंयोग बन रहे हैं, जो इसे और भी विशेष बना रहे हैं। नवरात्र में पंचमी तिथि का क्षय होने के कारण चतुर्थी के दिन अनुदय पंचमी के मान से मां श्रृंगार गौरी और मां विशालाक्षी के दर्शन 2 अप्रैल को होंगे।
ज्योतिषाचार्य ऋषि द्विवेदी के अनुसार, काशी पंचांग के आधार पर नवरात्र 30 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल को महानवमी के साथ समाप्त होगा। नौ दिनों का व्रत रखने वाले 7 अप्रैल को पारण करेंगे, जबकि महाष्टमी व्रत का पारण 6 अप्रैल को नवमी तिथि पर होगा। इस बार नवरात्र आठ दिनों का होगा और चैत्र शुक्ल पक्ष 14 दिनों तक रहेगा।
नवरात्र के दौरान बनने वाले शुभ योगों में रवि योग, यायीजय योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग, स्थायीजयी योग शामिल हैं। विशेष रूप से महानवमी पर सुबह 9:42 बजे के बाद बनने वाला रवि-पुष्य योग अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण होगा। यह संयोग भक्तों के लिए शक्ति साधना और मंगल कार्यों के लिए बेहद फलदायी माना जा रहा है।













