लूट के 10 हजार रुपये से खरीदी थी खुद के लिए मोबाइल।
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संतकबीरनगर।
सिद्धार्थनगर के सेल्समैन से हुई साढ़े छह लाख रुपये की लूट की वारदात में पकड़ा गया साजिशकर्ता कर्मचारी प्रदीप कन्नौजिया हिस्से में मिली रकम से 30 हजार रुपये अपने बहनोई को मुंबई जाने के लिए उधार दिया था। जबकि पकड़े गए लुटेरे फिरोज ने लूट के ही 10 हजार रुपये से अपने लिए मोबाइल खरीदा था। पूछताछ में दोनों बदमाशों ने कई अहम जानकारी पुलिस को दी है।
एसओजी प्रभारी सर्वेश राय और एसओ रजनीश राय के मुताबिक लूट की घटना का सूत्रधार पकड़ा गया कर्मचारी प्रदीप कन्नौजिया ही है। प्रदीप लंबे समय से पीड़ित मोबाइल दुकानदार नूर आलम के वहां काम करता था। इतना ही नहीं प्रदीप दुकान के मालिक नूर आलम का काफी विश्वसनीय भी था। नूर आलम के सभी कर्मचारियों पर भी आरोपी प्रदीप का काफी प्रभाव था। घटना की शाम साढ़े आठ बजे एक फरवरी को योजना के मुताबिक नसीम, अताउर्रहमान और फिरोज खान बखिरा कस्बे में लगे उर्स के मेले में पहुंच कर घूमने लगे थे। करीब नौ बजे के आस-पास प्रदीप अपने साथी दूसरे सेल्समैन सलीम के साथ जायसवाल मोबाइल के दुकान के सामने रूका था, वहीं सलीम को गाड़ी के पास ही रोक कर पेशाब करने के बहाने तीनों बदमाशों से मिलकर बता दिया था कि कुल वसूली के 6 लाख 59 हजार 790 रुपये और दो नई मोबाइल है। प्रदीप के ही इशारे पर थप्पड़ से मारा-पीटा और वसूली के रकम व दोनों मोबाइल रखा बैग सेल्समैन सलीम से लूट लिया था। पूछताछ में प्रदीप कन्नौजिया ने बताया आज ही उसे फिरोज ने लूट की एक मोबाइल दी है। उसने अपने हिस्से में मिली रकम से 30 हजार रुपये बहनोई महेंद्र कुमार निवासी बसैनी थाना तेतरी बाजार सिद्धार्थनगर को उधार के रूप में मुंबई जाने के लिए दिया था। प्रदीप और नसीम ने योजना बनाई थी। नसीम की पल्सर गाड़ी का इस्तेमाल हुआ था। यहीं वजह रही कि दोनों को लूट की रकम में अधिक हिस्सा मिला। फिरोज ने लूट के 10 हजार रुपये से खुद के लिए मोबाइल खरीदी थी।















