इंटरनेट पर देख कर नहीं खाएं होम्योपैथिक दवाइयां।
संतकबीरनगर। इस समय में इंटरनेट का उपयोग बढ़ गया है।और ऐसे में हर कोई इंटरनेट पर जाकर ज्ञान ले रहा है। लेकिन इंटरनेट पर हर कोई ज्ञान दे भी रहा है ऐसे में परेशानियां उनके साथ हो रही है जो स्वास्थ्य से पीड़ित है क्योंकि हर मरीज इंटरनेट पर जाकर दवाई देख रहा है और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां खा रहा है। इस संबंध में होम्योपैथिक चिकित्सक डॉक्टर उमेश जिला अस्पताल कहते हैं होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में दवाई एवं दवाइयों कि मात्रा का चुनाव माइंड के आधार पर और मरीज की ससेप्टीबिलिटी के आधार पर होता है लेकिन यूट्यूब पर पैसा कमाने के चक्कर में कई डॉक्टर दवाइयां एवं डोज बता रहे है जिससे मरीजों को दवाइयों का एग्रावेशन होने पर काफी परेशानियां हो सकती है। और कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में दवाइयों का चुनाव भी व्यक्ति के व्यवहार उसकी प्यास, भूख, उसकी प्रकृक्ति (ठंडा- गर्म), उसकी मोडेलिटी को देख कर की जाती है जो की एक ही बीमारी से पीड़ित दो व्यक्तियों में अलग अलग हो सकती है जब तक डॉक्टर मरीज को देख कर उसकी हिस्ट्री नहीं ले लेते मेडिसिन प्रिस्क्राइब नहीं की जा सकती। चिकित्सा डॉ उमेश का कहना है कि जनता ध्यान रखे इंटरनेट से जानकारी लेना ठीक है लेकिन इंटरनेट पर देख कर बिना डॉक्टर की सलाह के दवाई खाना अपने ही शरीर के साथ खिलवाड़ करना है ऐसे में शरीर में कुछ भी बदलाव आ सकते है। जिसका काम में आज बहुत ही बुरा हो सकता है।















