कागज में रोपे गये बारह हजार पौधे मौके पर एक भी नहीं।
गोरखपुर। पृथ्वी पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार हर वर्ष की तरह इस वर्ष अभियान के पौधरोपण कर रिकार्ड बना रही है।लेकिन कुछ जिम्मेदारो के लापरवाही के कारण कुछ जगहों पर यह अभियान कागजों में सिमट गया है।धरातल पर उसकी सच्चाई कुछ और ही व्याय कर रही है।जिससे जिम्मेदार अंजाम बने हुए है।यह मामला सहजनवा वन रेंज के हङही से लेकर गाहासाङ तक सरयू नहर कैनाल के पटरीयों पर हुए पौधरोपण का है।कागजों में तो 12हजार पौधें रोपे गये लेकिन मौके पर एक भी पौधें दिखाई नहीं पङ रहे है।जबकि सरकार का अस्पष्ट निर्देश है जहां भी पौधे रोपे जाय उसका संरक्षण किया जाय।
धरती को हराभरा रखने के लिए 15जून से विभिन्न अभियान चलाकर जनप्रतिनिधि,अधिकारी व विभाग पौधरोपण करा रहा है।सहजनवा वन रेंज के हङही से लेकर गाहासाङ तक सरयू नहर कैनाल के पटरियों पर करीब आठ हेक्टेयर में वन विभाग ने 12800 पौधें लगाए। लेकिन यह रिकार्ड कागजों में दिख रहा है।मौके पर इस समय एक भी पौधे मौजूद नहीं मिले,हङही निवासी राधे,झीनक,सबलू समेत अन्य ग्रामीण का कहना विभाग हर वर्ष नहर के पटरी पर पौधरोपण कराता है।लेकिन एक भी दूर दूर तक दिखाई नहीं दे रहा है।गाहासाङ निवासी राम प्रसाद,मनोहर,प्रदीप कुमार ने पौधरोपण के नाम पर विभाग खाना द्वारा खानापूर्ति की जाती है।पटरी पर एक भी रोपे गये पौधे सुरक्षित नहीं है।सवाल यह है कि ऐसे में सरकार की मंशा कहा पूरी होगी,जब पौधरोपण के बाद पौधे रहेगें ही नहीं।वन विभाग के एसडीओ हरेन्द्र सिंह ने बताया अगर रोपे गये पौधे नहीं है तो गम्भीर बात है।फिर से पौधरोपण कराकर संरक्षण का निर्देश दिया जायेगा।















