भाजपा के पांच विधायक, कैबिनेट मंत्री और दो एमएलसी भी नहीं दिला पाए जीत।

भाजपा के पांच विधायक, कैबिनेट मंत्री और दो एमएलसी भी नहीं दिला पाए जीत

संतकबीरनगर। भाजपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद की जीत के लिए जिले के चार विधायक, दो एमएलसी और खुद उनके पिता कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और भाई गोरखपुर के विधायक श्रवण निषाद जिले में कैंप किए थे। इसके बाद प्रवीण निषाद एक लाख के करीब मतों से चुनाव हार गए। इसके साथ ही अन्य दिग्गज भी भाजपा की साख नहीं बचा पाए।

जिले में तीन विधान सभासीट है। इसमे खलीलाबाद में भाजपा विधायक अंकुर राज तिवारी, मेंहदावल से विधायक अनिल त्रिपाठी, धनघटा से विधायक गणेश चौहान, खजनी के विधायक व पूर्व मंत्री श्रीराम चौहान, एमएलसी सुभाष यदुवंश, एमएलसी संतोष सिंह व खुद भाजपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद के पिता कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और उनके बेटे गोरखपुर से विधायक श्रवण निषाद जिले में कैंप किए रहे लेकिन मतदान अपने पक्ष में कराने में असफल रहे।
कैबिनेट मंत्री संजय निषाद बेटे की जीत के लिए पूर्व विधायक दिग्विजयनारायण उर्फ जय चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, नगर पालिका अध्यक्ष जगत जायसवाल समेत अन्य कई नेताओं को भाजपा में शामिल कराकर बेटे की जीत के लिए जी जान से जुटे थे। लेकिन उनकी यह पहल इस चुनाव में रंग नहीं लाई।
इंडिया गठबंधन से सपा प्रत्याशी लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद सादगी से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। लक्ष्मीकांत शुरू से ही बढ़त बनाए रहे और अंत तक वह बढ़त पर रही रहे। लोगों का मानना है कि प्रवीण निषाद सांसद बनने के बाद जिले में कम आए, इस वजह से लोग नाराज रहे। इसके साथ ही सपा का बाहरी भगाओ का नारा अबकी बार राप्ती पार भी खूब चला। इस वजह से लोग भाजपा के पक्ष में मतदान न कर अपनी नाराजगी जताए।

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