साक्ष्य के अभाव में हत्या का आरोपी दोषमुक्त
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट दिनेश प्रताप सिंह ने किशोर से वीसीपी लूट लेने और हत्या कर शव को छिपाने के मामले के एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। जबकि दौरान विचारण दो आरोपियों की मौत हो गई। एक किशोर आरोपी पूर्व में ही दोष मुक्त हो गया था। इसके अलावा दो आरोपियों का नाम हाईकोर्ट के आदेश पर मुकदमे से बाहर कर दिया गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुधाकर मिश्र ने बताया कि शहर के मड़या निवासी रामचंद्र ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी, जिसमें कहा था कि वह किराये पर वीसीपी चलवाते थे। मटिहना निवासी 14 वर्षीय अजय कुमार उर्फ पप्पू पुत्र राज बली को नौकर रखे थे। 13 मार्च 1992 को पप्पू को अपनी वीसीपी भाड़े पर चलाने के लिए दिया था। तत्कालीन तहसीलदार के एक किशोर नौकर के कहने पर ले गया। आरोप है कि पप्पू वीसीपी ले कर नहीं लौटा। उसका वीसीपी चोरी से लेकर कहीं भाग गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अजय कुमार उर्फ पप्पू के खिलाफ गबन का केस दर्ज किया। दोबारा 23 मार्च 1992 को कोतवाली के बिधियानी मटिहना निवासी चंद्रबली ने वीसीपी प्रकरण में लापता अजय कुमार उर्फ पप्पू का शव मिलने की तहरीर कोतवाली पुलिस को दी। आरोप लगाया कि 12/13मार्च 1992 को नौ बजे रात को तत्कालीन तहसीलदार खलीलाबाद का किशोर वय नौकर वीसीपी चलाने के लिए अजय कुमार उर्फ पप्पू को तत्कालीन तहसीलदार के आवास पर बुलाया था। तभी से अजय कुमार उर्फ पप्पू वापस नहीं आया और वीसीपी के मालिक ने इस संबंध में केस दर्ज कराया।
23 मार्च 1992 को अजय कुमार उर्फ पप्पू की लाश तहसीलदार खलीलाबाद के निवास के बगल में देखी है। कपड़े देखकर पहचान की। आशंका जताई कि अजय कुमार की हत्या तत्कालीन तहसीलदार खलीलाबाद जग प्रसाद पांडेय, बृज भूषण पांडेय निवासी बनियाबारी तथा तहसीलदार के किशोर वय नौकर ने की है। इस मामले में पहले से दर्ज केस में धारा तरमीम कर पुलिस ने विवेचना की। बरामद वीसीपी और कैसेट के आधार पर हत्या, लूट, साक्ष्य छिपाने, एससी-एसटी एक्ट में धारा की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी तत्कालीन तहसीलदार के किशोर वय नौकर को गिरफ्तार किया। विवेचक ने प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद आरोपी राजेश कुमार श्रीवास्तव निवासी बंधवा थाना बखिरा और शिव शंकर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। तत्कालीन तहसीलदार के आरोपी किशोर नौकर की पत्रावली अलग करके किशोर मजिस्ट्रेट गोरखपुर कोर्ट को स्थानांतरित कर दी गई। बाद में आरोपी किशोर न्याय बोर्ड से दोषमुक्त हो गया। दौरान विचारण आरोपी शिव शंकर की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने जग प्रसाद पांडेय तत्कालीन तहसीलदार खलीलाबाद ब्रजभूषण पांडेय, चंद्र भूषण पांडेय को विचारण के लिए तलब किया। इसी बीच तत्कालीन तहसीलदार की दौरान विचारण मृत्यु हो गई। बाद में उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पांच जनवरी 2023 को आरोपी ब्रजभूषण पांडेय और चंद्रभूषण पांडेय के विरुद्ध मुकदमा की कार्रवाई समाप्त कर दी गई। इसी मामले में आरोपी बनाए गए बंधवा थाना बखिरा निवासी राजेश कुमार श्रीवास्तव को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।














