खाकी के शहीदों को नमन, बलिदानियों की शौर्यगाथा को किया याद
गोरखपुर पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
1959 की ऐतिहासिक घटना से जुड़ा है पुलिस स्मृति दिवस, कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले जवानों को किया नमन
गोरखपुर। देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को बुधवार को गोरखपुर पुलिस लाइन स्थित पुलिस स्मृति स्थल पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद जवानों को पुष्प अर्पित कर उनके शौर्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया। कार्यक्रम में उन वीर पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया गया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एडीजी जोन राम कुमार, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल, एसपी उत्तरी राजेश धुनावता, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी, एसपी पुलिस रेडियो गोरखपुर-वाराणसी जोन राम निवास सिंह यादव, एसपी रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, एसपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी रवि, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव और सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार एस. सहित विभिन्न सर्किलों के क्षेत्राधिकारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
21 अक्टूबर 1959 की घटना से जुड़ा है स्मृति दिवस
पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से जुड़ा है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में गश्त कर रहे भारतीय पुलिसकर्मियों पर चीनी सैनिकों ने हमला किया था। इस घटना में दस पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन कर्तव्य पालन के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है।
कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की प्रेरणा हैं शहीद
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के उन जवानों को भी याद किया गया, जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपना जीवन बलिदान कर दिया। विशेष रूप से 25 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक शहीद हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों के योगदान को नमन किया गया।
पुलिसकर्मी अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संकट में फंसे लोगों की मदद करने और नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। इन जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कई जवान अपने प्राणों की परवाह किए बिना मोर्चे पर डटे रहते हैं। उनका साहस और समर्पण पुलिस सेवा की पहचान है।
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देना उनके परिवारों के त्याग और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद करने का अवसर भी है। उनकी शहादत पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को निष्ठा, ईमानदारी और साहस के साथ जनसेवा करने की प्रेरणा देती है। गोरखपुर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में भी शहीदों के आदर्शों पर चलने और जनसुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई।















