विसर्जन हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित
एडीएम सिटी, एसपी सिटी और अधीक्षण अभियंता विद्युत ग्रामीण करेंगे जांच
तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश, बिजली आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था की होगी पड़ताल
गोरखपुर। गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत और नौ लोगों के घायल होने की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी को तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जांच कमेटी में अपर जिलाधिकारी (नगर) गजेंद्र कुमार, एसपी सिटी निमिष पाटिल और अधीक्षण अभियंता विद्युत ग्रामीण को शामिल किया गया है। कमेटी हादसे के कारणों, बिजली आपूर्ति की स्थिति, सुरक्षा इंतजामों और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी की पड़ताल करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराई थी रेलिंग
गुलरिहा क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव के चौहान टोला से बुधवार शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकला था। जुलूस रजही चौराहे के पास पहुंचा, तभी डीजे के ऊपर लगी लोहे की रेलिंग 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। करंट की चपेट में आने से चंदन (21), विक्की (18) और लक्की (17) की मौत हो गई, जबकि नौ लोग झुलस गए। घायलों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
शटडाउन और सुरक्षा व्यवस्था की होगी जांच
हादसे के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखने के लिए पहले से शटडाउन मांगा गया था। ऐसे में हाईटेंशन लाइन में करंट आने को लेकर सवाल उठे थे। जांच कमेटी यह पता लगाएगी कि बिजली आपूर्ति बंद रखने के संबंध में क्या निर्देश दिए गए थे, उनका पालन हुआ या नहीं और विसर्जन जुलूस के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे।
पहले ही हो चुकी है कार्रवाई
हादसे के बाद बिजली विभाग के अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया था, जबकि संबंधित लाइनमैन की सेवा समाप्त कर दी गई। ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया था। अब कमेटी की जांच से घटना की परिस्थितियों और संभावित चूक की जिम्मेदारी स्पष्ट होने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, धार्मिक आयोजनों और प्रतिमा विसर्जन के दौरान विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।















