पौधरोपण की जियोटैगिंग माह के अंत तक पूरी करें : डीएम
शहरों में नियमित डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के निर्देश, पुराने और फिटनेस रहित वाहनों पर भी होगी कार्रवाई
संतकबीरनगर। जिलाधिकारी अनुज मलिक ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, पर्यावरण समिति और गंगा समिति की संयुक्त बैठक में पौधरोपण की जियोटैगिंग माह के अंत तक पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में नियमित डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया।
33.57 लाख पौधे लगाने का मिला था लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत वन विभाग को 14.50 लाख और अन्य विभागों को 19.07 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था। डीएम ने विभागवार जियोटैगिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्य तत्काल पूरा कराने को कहा।
एमआरएफ सेंटरों के संचालन की ली जानकारी
डीएम ने नगर पालिका खलीलाबाद और सात नगर पंचायतों में स्थापित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटरों की क्षमता और संचालन की जानकारी ली। अधिशासी अधिकारियों को सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई के साथ घर-घर से कूड़ा उठान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
गीला-सूखा कचरा अलग कर करें निस्तारण
शहरी क्षेत्रों में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर निस्तारित करने तथा सभी डंपिंग स्थलों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया। सैनिटरी लैंडफिल के लिए भूमि, कम्पोस्टिंग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े लंबित मामलों का विवरण भी मांगा गया।
अस्पतालों के कचरा प्रबंधन की होगी जांच
जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सीएमओ को अस्पतालों में साफ-सफाई और वेस्ट मैनेजमेंट की नियमित जांच कराने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों से निकलने वाले कचरे का समय से उठान सुनिश्चित करने को कहा गया।
फिटनेस रहित पुराने वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश
प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा में अनुपयुक्त और फिटनेस रहित पुराने वाहनों के खिलाफ नियमानुसार चालान और सीज की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं, गंगा समिति की बैठक में सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए नदियों में प्रदूषित जल जाने से रोकने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया।
बैठक में सीडीओ जयकेश त्रिपाठी, डीडीओ रुक्मणी वर्मा, सीएमओ डॉ. रामानुज कनौजिया और डीएफओ हरिकेश यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।















