देवरिया के भोपतपुरा गांव के जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर के पहले सीईओ
अयोध्या/देवरिया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को और व्यवस्थित करने के लिए एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। बुधवार को अयोध्या की मणिरामदास छावनी में महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। बैठक में ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों की घोषणा भी की गई।
जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने छह दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया था। करीब चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के विमानों पर उड़ान भरी और तीन हजार घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव हासिल किया। वह कमांडिंग-इन-चीफ सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
मिश्रा एकीकृत रक्षा स्टाफ में उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) के पद पर भी रहे हैं। उन्होंने भारत के साथ अमेरिका और ब्रिटेन के प्रतिष्ठित रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। बड़े संगठनों के संचालन, नेतृत्व और विभिन्न स्तरों पर समन्वय का उनका अनुभव राम मंदिर की नई जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बढ़ती व्यवस्थाओं के बीच अहम जिम्मेदारी
राम मंदिर अब निर्माण कार्य से आगे बढ़कर नियमित संचालन के बड़े चरण में प्रवेश कर चुका है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, कर्मचारी प्रबंधन, सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय जैसी जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करना सीईओ की प्रमुख भूमिका में होगा। ऐसे में सैन्य अनुशासन और प्रबंधन अनुभव वाले जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन नए ट्रस्टी भी घोषित
बैठक में ट्रस्ट के तीन नए सदस्यों के नामों की भी घोषणा हुई। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और निर्मला यादव शामिल हैं। ट्रस्ट में पहले से अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन समेत अन्य सदस्य और पदेन सरकारी प्रतिनिधि शामिल हैं।
भोपतपुरा गांव से भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे जितेंद्र मिश्रा के लिए राम मंदिर के पहले सीईओ की जिम्मेदारी उनके सार्वजनिक जीवन का नया अध्याय है।















